आक्रोश- शिक्षक संगठन ने बनाई आंदोलन की रणनीति

उत्तराखण्ड माध्यमिक शिक्षक संघ प्रांतीय कार्यकारिणी की ऑनलाइन बैठक सम्पन्न

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून/,कोटद्वार। उत्तराखण्ड माध्यमिक शिक्षक संघ की एक आवश्यक ऑनलाइन बैठक प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा व प्रांतीय महामंत्री डॉ महावीर सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन एवं शिक्षकों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी आंदोलनात्मक रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जून माह के द्वितीय सप्ताह में उत्तराखण्ड माध्यमिक शिक्षक संघ की प्रान्तीय कार्यकारिणी की बैठक पब्लिक इण्टर कॉलेज डोईवाला में आयोजित की जाएगी।

इस अवसर पर देहरादून जनपद की नवीन जिला कार्यकारिणी का निर्वाचन एवं गठन भी संपन्न किया जाएगा।
बैठक में तदर्थ एवं पीटीए शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। संगठन की प्रमुख मांगों में तदर्थ एवं पीटीए शिक्षकों का विनियमितीकरण, डी-ग्रेड प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति, पीटीए शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि, मानदेय भुगतान हेतु कट-ऑफ तिथि को वर्ष 2025 तक विस्तारित करना, एनपीएस की धनराशि को सीधे प्रान (PRAN) खाते में स्थानांतरित करना, तदर्थ सेवाओं के समस्त सेवा लाभ प्रदान करना तथा वर्ष 2005 से पूर्व विज्ञापित पदों के सापेक्ष नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान करना शामिल हैं।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा ने कहा कि संगठन लंबे समय से शिक्षकों की न्यायोचित मांगों के समाधान हेतु शासन एवं विभाग का ध्यान आकर्षित करता रहा है, किन्तु अभी तक अपेक्षित कार्यवाही नहीं हुई है।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही संगठन की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने तथा सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं विभाग की होगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15 वर्षों से कार्यरत 413 तदर्थ शिक्षको का अभी तक विनियमतीकरण नहीं हुआ है, विनियमतीकरण की आशा में कई तदर्थ शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके है, कई तनाव से ग्रसित होकर इस दुनिया को ही अलविदा कह चुके हैं , लेकिन सरकार उन्हें पिछले 5 सालों से विनियमतीकरण करने का केवल आश्वासन दे रही है डाँ महावीर विष्ट प्रान्तीय महामंत्री द्वारा सदन को अवगत कराया गया कि कई बार शासन एवं सरकार से मुलाकात और बैठक करने के बाद भी समस्याओं का निस्तारण न होना इस बात का घोतक है कि सरकार एवं शासन का राज्य सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की समस्या की और कोई रुचि नही है । इसलिए एक बड़े आन्दोलन की तैयारी करनी है यादे फिर भी समस्यायें हल नही की जाती है तो निदेशालय में धरना – प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल करने को बाध्य होना पड़ेगा।
बैठक में प्रदेश महामंत्री डॉ. महावीर सिंह विष्ट, प्रांतीय संरक्षक अनिल शर्मा, दिगपाल गड़िया , संदीप रावत, गिरीश कोरंगा, सुरेंद्र रावत, अजय बिष्ट कैलाश थपलियाल, एल. डी. पाठक, शैलेन्द्र चौधरी, राजेश सैनी, मनोज सैनी, अवधेश सेमवाल, तरुण शर्मा, मनोज शर्मा, कैलाश अंडोला, जितेंद्र पुंडीर, संदीप मैंदौला सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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