गढ़वाली फिल्म मेरू गौं – सिसकते, उजड़ते और कराहते गांव की दास्तान
एक ऐसी गढ़वाली फिल्म, जो गांवों की चिंता करती है, सुलगते सवाल उठाती हैविपिन बनियाल-पहाड़ के गांव उजड़ रहे हैं। सिसक रहे हैं। पलायन और सिस्टम की उन पर दोहरी … Continue reading गढ़वाली फिल्म मेरू गौं – सिसकते, उजड़ते और कराहते गांव की दास्तान
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