बदरीनाथ मंदिर चंदा चोरी के आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत

जुलाई में सामने आया था चंदा चोरी प्रकरण

अविकल थपलियाल

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बदरीनाथ मंदिर के चंदा चोरी प्रकरण से जुड़े मामले में आरोपी प्रमोद नौटियाल की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। 6 नवंबर  को न्यायमूर्ति आलोक महरा की पीठ ने जमानत आवेदन स्वीकार करते हुए आरोपी को व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि के दो विश्वसनीय जमानतियों के आधार पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।

अदालत ने जमानत के साथ कई शर्तें भी लगाई हैं। आरोपी मामले से जुड़े किसी व्यक्ति को धमका या प्रभावित नहीं करेगा, साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगा, जांच और सुनवाई में सहयोग करेगा तथा अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेगा। शर्तों का उल्लंघन होने पर अभियोजन पक्ष जमानत निरस्त कराने की मांग कर सकेगा।

बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी प्रकरण का पूरा घटनाक्रम

इस मामले में मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई नकदी, सोने-चांदी के सिक्कों और अन्य भेंट सामग्री की गणना के दौरान कथित हेराफेरी का मामला सामने आया था। जांच में मंदिर समिति के तत्कालीन प्रोटोकॉल अधिकारी प्रमोद नौटियाल, सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान और सुरक्षा कर्मी मनोज कुमार के नाम सामने आए। हालांकि, तीनों के विरुद्ध आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक सुनवाई के बाद ही होगा।

घटनाक्रम की प्रमुख तारीखें

2 जुलाई 2026: मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया।

3 जुलाई: शिकायत के बाद मंदिर समिति ने जांच शुरू की और प्रमोद नौटियाल को नोटिस दिया।

6 जुलाई: प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया। शासन ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की।

8 जुलाई: बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज हुई। मामले में बीएनएस की धारा 306 और 316(5) लगाई गई।

12 जुलाई: एसआईटी ने प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया।

17 जुलाई: राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया गया।

25 जुलाई: जिला एवं सत्र न्यायालय ने प्रमोद नौटियाल की जमानत याचिका खारिज कर दी।

9 अक्टूबर: एसआईटी ने लगभग एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें 50 गवाह शामिल किए गए। अदालत ने तीन आरोपियों के विरुद्ध संज्ञान लिया।

चंदे की रकम और भेंट सामग्री में गड़बड़ी के आरोप

एसआईटी की जांच में आरोप लगाया गया कि मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान नकदी, सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, शालिग्राम शिला और केसर के पैकेट तक कथित रूप से हटाए गए। सीसीटीवी फुटेज में 22, 25 और 29 जून की गणना के दौरान राजेंद्र चौहान की संदिग्ध गतिविधियां सामने आने की बात पुलिस ने कही। जांच में प्रमोद नौटियाल और राजेंद्र चौहान के बीच कथित मिलीभगत का आरोप भी लगाया गया।

प्रमोद नौटियाल और राजेंद्र चौहान के खिलाफ बीएनएस की धारा 306, 316(5), 317(2) और 61(2) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया। मनोज कुमार के खिलाफ धारा 305 और 317(2) के तहत कार्रवाई की गई। एसआईटी ने लगभग एक हजार पन्नों की चार्जशीट में 50 गवाहों का उल्लेख किया है।

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