महाकुम्भ…कोरोना… धधकते जंगल…सल्ट  …आंदोलन.आल इस वेल चैतू

चैतू आल इस वेल इन उत्त्तराखण्ड बल्ल। बोल चैतू।

इस समय उत्त्तराखण्ड में एकसाथ कई मोर्चों पर जंग जारी है। एक ओर, महाकुम्भ की लहर। कोरोना के टूटते नियम। बढ़ता संक्रमण। कई साधु संतों कोरोना पॉजिटिव। 14 अप्रैल के सबसे बड़े शाही स्नान में सभी 13 अखाड़ों के सन्यासी हिस्सा ले रहे हैं। लाखों की भीड़ का सामूहिक तौर पर नियम-कानूनों को दूर से ही नमस्कार। महाकुम्भ संक्रमण की महालहर का गवाह बनने जा रहा है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महत नरेंद्र गिरी एम्स में भर्ती है। अन्य अखाड़ों में कई साधु भो देर सवेर कोविड सेंटर की राह पकड़ेंगे। कोरोना की चीख व जंगल की आग के बीच महाकुम्भ का उदघोष जारी रहेगा। करोड़ों का बजट खर्च होता रहेगा और सिस्टम अपनी रफ्तार से चलेगा।

जलते जंगल,बेबस महकमा


इधर, उत्त्तराखण्ड के जलते जंगल। और इस आग में मानव-पशु खाक होते हुए। आग की 1172 घटनाओं में लगभग 1700 हेक्टेयर जंगल जल गया। और लगभग 38 लाख की वन संपदा जलकर खाक हो गयी। 38 लाख का नुकसान सिर्फ अप्रैल महीने का है। मार्च का नुकसान अलग से है।

मंगलवार को समर कैपिटल गैरसैंण के इलाके में जंगल की आग बुझाते एक बुजुर्ग रघुवीर लाल की मौत का समाचार 12 हजार वनकर्मियों की मौजूदगी पर सवालिया निशान उठा रहा है। करोड़ों के बजट के बावजूद वन महकमे के बड़े अफसर भी असहाय नजर आ रहे हैं। विभाग में पद खाली हैं। कर्मी नहीं। सम्भवतः साल भर में वन विभाग के सामने फायर सीजन में इसी आग की तय घटना सामने आती है। लेकिन हर बार वन महकमा कर्मचारियों व उपकरण की कमी का रोना रो बारिश के इंतजार में रहता है। वनमंत्री हरक सिंह के भी आग बुझाने की कोशिश के बाद भी जंगल धू धू कर जल रहे हैं। हेलीकाप्टर आये थे आग बुझाने। कुछ जगह कोशिश की। सुना है कि अब वापस दिल्ली हो लिए दोनों हेलीकाप्टर। इस आग में काफी कुछ गंवा चुके ग्रामीण स्वंय को झोंके हुए है इस आग में..खेल जारी है..

गुलदार का पंजा और चीत्कार

गुलदार और हाथी के हमले जारी है। तीन दिन पहले दुगड्डा में मासूम लड़की को गुलदार झटके में उठा ले गया। हाथी भी कुचलने में देर नहीं कर रहे। हक ही में कोटद्वार में घास लेने गयी महिला शिकार हुई। आंगन में खेल रहे बच्चों पर गुलदार का झपट्टा जारी है। मानव व वन्य जीव के इस संघर्ष के बाद वन विभाग मुआवजे का ऐलान भी कर रहा है। आदमखोर को मारने के लिए वन विभाग शिकारियों को तैनात कर देगा। इन चंद निजी शिकारियों के बीमा, मानदेय पर लंबे समय से ठोस पहल की दरकार है। ग्रामीणों के अलावा आदमखोर गुलदार जंगल में कैम्प किये इन शिकारियों को भी निशाना बना सकता है। गांवों के आंगन में मासूमों की मौत का रुदन जारी है…खेल जारी है…

कोरोना घोटाला


कोरोना के साथ ही उत्त्तराखण्ड में स्वास्थ्य सिस्टम की कलई हर दिन खुलती रही। सुविधाओं का सूखा खत्म नहीं हुआ। देहरादून नगर निगम में सेनेटाइजर घोटाला सामने आ चुका है। मास्क घोटाला भी चर्चा में है। अस्पतालों का हाल छुपा नहीं। नेता,अधिकारी व आमजन रोज संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। मंगलवार को 13 मरीजों की मौत हुई। संक्रमण जारी है और खेल भी जारी है..

सल्ट की हवा

सल्ट उपचुनाव के गर्म राजनीतिक माहौल के बीच उपनलकर्मियों समेत अन्य आंदोलन की हुंकार भी जारी है। सल्ट चुनाव में सीएम तीरथ रावत और पूर्व सीएम हरीश रावत के उम्मीदवार जंग में उलझे है। राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण है। कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव सल्ट में डेरा डाले है। तीरथ व हरीश सम्भवतः एक ही दिन 15 अप्रैल को सल्ट जे दौरे पर रहेंगे। चुनाव के नतीजे के बाद तीरथ व हरीश के राजनीतिक कद को लेकर काफी कुछ तय होगा। राजनीति जारी है…खेल जारी है.. तो बोल चैतू आल इस वेल…

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