उक्रांद नेता व पूर्व विधायक नारायण सिंह जंतवाल का निधन

अविकल उत्तराखण्ड

नैनीताल। पूर्व विधायक व उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष रहे नारायण सिंह जंतवाल का लम्बी बीमारी के बाद दिल्ली में निधन हो गया। वे 66 साल के थे। जंतवाल 2002 में उक्रांद के टिकट पर नैनीताल सीट से चुनाव जीते थे।

डॉ. नारायण सिंह जंतवाल के निधन पर सीएम धामी, काशी सिंह ऐरी, पीसी तिवारी व विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों  ने  गहरा शोक जताया।

डॉ. जंतवाल नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली गए थे। इसी दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनका निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर नैनीताल लाया जा रहा है। उनके परिवार में पत्नी सावित्री जंतवाल और दो बेटियां हैं। सावित्री जंतवाल कुमाऊं विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं।

डॉ. जंतवाल ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अलग राज्य की मांग को लेकर चले संघर्षों में सक्रिय भागीदारी के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा। राज्य गठन के बाद वर्ष 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में वह नैनीताल सीट से विधायक चुने गए थे।

छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन में आए डॉ. जंतवाल डीएसबी परिसर छात्रसंघ के उपसचिव, सचिव और अध्यक्ष रहने के साथ ही छात्र महासंघ के अध्यक्ष भी रहे। उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक सदस्यों में शामिल जंतवाल ने संगठन में केंद्रीय अध्यक्ष और संरक्षक की जिम्मेदारी भी निभाई।

प्रदेश के जल, जंगल, जमीन और स्थानीय हितों से जुड़े मुद्दों पर वह हमेशा मुखर रहे। नशा नहीं, रोजगार दो आंदोलन और वनाधिकार आंदोलन सहित विभिन्न जनसंघर्षों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। राज्य गठन के बाद भी वह उत्तराखंड के मूल सवालों को लेकर लगातार संघर्ष करते रहे। हाल ही में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल की ओर से निकाली गई यात्रा में उन्होंने गैरसैंण, चौखुटिया और द्वाराहाट क्षेत्रों में भागीदारी की थी।

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि डॉ. जंतवाल से उनका साथ छात्र जीवन के दिनों से रहा है। कॉलेज के दिनों से शुरू हुआ यह परिचय लंबे समय तक जनसंघर्षों और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के साझा सफर में साथ बना रहा। वह हमारे पुराने साथी थे, जिनके साथ अनेक यादें और संघर्ष जुड़े हुए हैं। उनके निधन की खबर व्यक्तिगत रूप से भी बेहद पीड़ादायक है।

उनके निधन पर पूर्व सांसद महेंद्र पाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी, दर्जा मंत्री शांति मेहरा, विधायक सरिता आर्य और पूर्व विधायक संजीव आर्य सहित विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉ. जंतवाल का जीवन उत्तराखंड के हितों और जनसंघर्षों के प्रति समर्पित रहा। उनके निधन से प्रदेश ने एक संघर्षशील और प्रतिबद्ध नेता खो दिया है।



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