संसद में उठाया टिहरी झील क्षेत्र परियोजना से संबंधित विकास कार्यों का सवाल

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ ही टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह समेत दो अन्य सांसदों ने आज संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन टिहरी झील क्षेत्र परियोजना से संबंधित विकास कार्यों को लेकर केंद्र सरकार से सवाल उठाए।

सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रश्नकाल के दौरान सरकार से सवाल किया कि उत्तराखंड के टिहरी झील क्षेत्र परियोजना में 126. मिलियन डालर की सतत, समावेशी और जलवायु अनुकूल पर्यटन विकास के तहत किए जा रहे बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों का ब्यौरा क्या है। यह भी सवाल किया कि इस परियोजना से कितने निवासियों और पर्यटकों को लाभ मिलने का संभावना है। भूस्खलन और बाढ़ जोखिमों को कम करने के लिए संस्थागत सुद्ढीकरण, आपदा की तैयारी और प्रकृति आधारित समाधानों को अपनाने के लिए लागू की गई प्रमुख पहले क्या हैं। सरकार द्वारा परियोजना के तहत समावेशिता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने और महिलाओं के नेतृत्व वाली आपदा प्रबंधने पहलों का सहयोग करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

इस सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि एडीबी और भारत सरकार ने टिहरी झील परियोजना में सतत, समावेशी और जलवायु अनुकूल पर्यटन विकास के लिए 10 सितंबर, 2025 को 126.4 मिलियन अमेरिकी डालर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य उत्तराखंड राज्य के टिहरी गढवाल जिले के टिहरी झील क्षेत्र में आजिविका, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु प्रतिरोधी पर्यटन के विकास में सहायता करना है। यह उत्तराखंड सरकार की राज्य क्षेत्र की परियोजना है। राज्य सरकार के अनुरोध पर ही भारत सरकार द्वारा एडीबी के साथ ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। परियोजना का पूरी तरह से रखऱखाव राज्य सरकार कर रही है।

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