अविकल उत्तराखंड
देहरादून। राजीव नगर कंडोली क्षेत्र में आयोजित जन सभा में स्थानीय लोगों ने प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना और सरकार की और से चुप तरीके से उठाए जा रहे कदमों पर जमकर विरोध किया।

हाल में “एक्सपर्ट ग्रुप” की रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि जब हर जन सुनवाई में इस परियोजना के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने आवाज़ उठाया, तो ऐसे कैसे लिखा जा सकता है कि जनता इस प्रस्तावित परियोजना को विकास के रूप में देख रही है? जब क़ानूनी प्रक्रिया में प्रभावित क्षेत्रों के लिए पुनर्वास एवं पर्यावण को ले कर पहले से ही योजना सार्वजनिक होना चाहिए था, इन सब बातों पर कोई भी बात न कर सरकार कैसे कह सकती है कि यह परियोजना जनहित में है? जब 15 सितंबर को रिस्पना नदी में बाढ़ आई थी, तब यह क्षेत्र बच गया था, लेकिन अगर यह रोड होती, तो सैकड़ों घर शायद बह जाते और अनेक लोगों की जान चली जाती। इसलिए यह परियोजना रद्द होना चाहिए। दून समग्र विकास अभियान की और से आए सुझाव यानी बसों को बढ़ाने पर, महिलाओं के लिए बस टिकट को मुफ्त करने पर, शहरों में रोजगार गारंटी चलाने पर और शहर में सिग्नल एवं चौकों को सुधारने पर जनता ने भी समर्थन किया। सभा की अंत में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि ऐसी ही और जन सभाएं आयोजित होगी और आंदोलन को जारी रखा जायेगा।
जन सभा में स्थानीय लोगों के साथ चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, विनोद बडोनी, राजेंद्र शाह, मुमताज़, जमुना देवी, अशोक, सुशीला और अन्य लोग शामिल रहे।

