मुजफ्फरनगर गैंग का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
करोड़ों की जमीन डील की जानकारी पर रची गई लूट की साजिश
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। कोतवाली पटेलनगर क्षेत्र में हुई लूट की घटना का दून पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए मुजफ्फरनगर के एक आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में वादी के बहनोई सहित कुल पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 91,950 रुपये नगद, दो अवैध तमंचे 315 बोर, चार जिंदा कारतूस, दो अवैध चाकू तथा एक आलानकब बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार 9 जनवरी 2026 को वादी शराफत पुत्र दिलशाद अली, निवासी वन विहार मेहूंवाला देहरादून ने कोतवाली पटेलनगर में तहरीर दी थी कि रात्रि के समय चार अज्ञात व्यक्ति उनके घर में घुस आए और परिजनों के साथ मारपीट कर एक लाख रुपये नगद व कुछ ज्वैलरी लूट ले गए। तहरीर के आधार पर थाना पटेलनगर में मु0अ0सं0-15/2026, धारा 331(4)/309(6)/3(5) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। साथ ही स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए सुरागरसी-पतारसी की गई।
लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप 13 जनवरी 2026 को तेलपुर चौक के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने लूट की घटना में शामिल बुशरान राणा, आसिफ उर्फ बबलू, इरफान, राजकुमार उर्फ अनिल और वासिफ को गिरफ्तार कर लिया।
घर का व्यक्ति निकला साजिशकर्ता
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी बुशरान राणा, वादी की फुफेरी बहन का पति है। उसे जानकारी थी कि वादी द्वारा सहारनपुर स्थित अपनी जमीन का करोड़ों रुपये में सौदा किया गया है तथा बयाने के रूप में लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये मिलने वाले हैं। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।
योजना के तहत 8 जनवरी की रात बुशरान अपने साथियों को वादी का घर दिखाकर मौके से चला गया। उसके साथियों ने तमंचों और चाकुओं के बल पर घर में मौजूद लोगों को डरा-धमकाकर लूट की घटना को अंजाम दिया। हालांकि जमीन का सौदा रद्द हो जाने के कारण वादी को बयाने की धनराशि नहीं मिल पाई, जिस वजह से आरोपियों के हाथ केवल एक लाख रुपये नगद और कुछ ज्वैलरी ही लगी।
लूटी गई ज्वैलरी की बरामदगी के लिए अभियुक्तों का पुलिस कस्टडी रिमांड न्यायालय से लिया जाएगा।

