कहा, न वो भाजपा के हैं, न ही उत्तराखंड से उनका कोई लेना-देना
बिहार कोर्ट का नोटिस, कानूनी शिकंजा कसता
अविकल उत्तराखंड
अल्मोड़ा। महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के विवादित बयान को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। एक ओर कांग्रेस, महिला संगठनों और सामाजिक संस्थाओं का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने इस बयान से साफ तौर पर दूरी बनाते हुए कड़ा रुख अपनाया है। अल्मोड़ा पहुंचे अजय टम्टा ने न सिर्फ बयान की निंदा की, बल्कि इसे देवभूमि उत्तराखंड और भाजपा से जोड़कर देखने से भी इनकार कर दिया।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि गिरधारी लाल साहू के बयान को उन्होंने वीडियो में देखा है और उसमें कही गई बातें अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और समाज को शर्मसार करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे संस्कारी और सांस्कृतिक प्रदेश से ऐसी सोच और भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। ऐसे बयान प्रदेश की छवि को धूमिल करने का काम करते हैं, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
“न भाजपा के, न उत्तराखंड के”
अजय टम्टा ने दो टूक कहा कि गिरधारी लाल साहू न तो भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और न ही उनका उत्तराखंड से कोई संबंध है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति न पार्टी से जुड़ा है और न ही प्रदेश से, तो उसके बयान को देवभूमि उत्तराखंड की सोच और संस्कृति से जोड़कर देखना गलत होगा। टम्टा ने कहा कि व्यक्ति की सोच जैसी होती है, वही उसकी भाषा में झलकती है और इस तरह के बयान समाज को बदनाम करने का काम करते हैं।
बिहार कोर्ट का नोटिस, कानूनी शिकंजा कसता
विवादित बयान का मामला अब कानूनी स्तर पर भी पहुंच गया है। बिहार के मुजफ्फरपुर कोर्ट की ओर से गिरधारी लाल साहू को नोटिस जारी किया गया है और उनसे जवाब तलब किया गया है। एडीजे प्रथम की अदालत में उनके खिलाफ परिवाद दायर किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक के साथ-साथ सामाजिक और कानूनी बहस का भी विषय बन गया है। फिलहाल पूरे प्रदेश की निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इस मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं।
23 दिसंबर के बयान से भड़का सियासी तूफान
गौरतलब है कि 23 दिसंबर को अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के दौलाधात में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गिरधारी लाल साहू ने महिलाओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने शादी के संदर्भ में बिहार की लड़कियों को लेकर जो बयान दिया, उसका वीडियो सामने आते ही प्रदेशभर में आक्रोश फैल गया। कांग्रेस, महिला संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए मंत्री रेखा आर्या और उनके पति के खिलाफ प्रदर्शन किए। कई स्थानों पर पुतला दहन भी किया गया।

