फीस, पाठ्यपुस्तक एवं यूनिफॉर्म संबंधी अनियमितताओं पर लगाई रोक
देखें आदेश
अविकल उत्तराखंड
नैनीताल। जनपद में निजी विद्यालयों द्वारा फीस वृद्धि, पाठ्यपुस्तकों और यूनिफॉर्म को लेकर मनमानी की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सख्त रुख अपनाया है।
शिक्षा को व्यापार बनाए जाने पर रोक लगाने के उद्देश्य से डीएम ने सभी निजी विद्यालयों के लिए पारदर्शिता, अभिभावक परामर्श और शासनादेशों के अनुपालन को अनिवार्य करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
डीएम रयाल ने अपने विस्तृत आदेश में कोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया है।
देखें , डीएम का आदेश
जनपद नैनीताल में संचालित निजी विद्यालयों द्वारा फीस निर्धारण, पाठ्यपुस्तकों एवम् यूनिफॉर्म के सम्बन्ध में विशुद्ध व्यावसायिक व्यवहार अपनाए जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उक्त कृत्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009, उत्तराखण्ड शासन द्वारा समय-समय पर निर्गत शासनादेशों तथा मा॰ सर्वोच्च न्यायालय एवम् विभिन्न न्यायालयों के निर्णयों की भावना एवम् निर्देशों के प्रतिकूल हैं।


उक्त के सम्बन्ध में विशेष रूप से निम्नलिखित तथ्य उल्लेखनीय हैं:-
- T.M.A. Pai Foundation बनाम State of Karnataka; Islamic Academy P.Α. Inamdar में मा. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित सिद्धान्त ” शिक्षा एक परोपकारी गतिविधि है, इसे लाभ कमाने का साधन नहीं बनाया जा सकता”।
- मा. उच्च न्यायालयों के स्पष्ट निर्देश है कि विद्यालय किसी एक दुकान अथवा प्रकाशक से पुस्तक या यूनिफॉर्म खरीदने हेतु बाध्य नहीं कर सकते। ऐसी बाध्यता अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) की श्रेणी में आती है।
- उत्तराखण्ड शासन में प्रचलित शासनादेशों के प्राविधान, जिनमें निर्देश हैं कि NCERT/SCERT पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाए, फीस वृद्धि पारदर्शी औचित्यपूर्ण एवम् अमिमावकों से संवाद के उपरान्त ही हो।
- प्रवेश के समय छात्र–छात्रा की आयु का ध्यान विशेष रूप से रखा जाये। शैक्षिक सत्र के प्रारम्म तिथि 01 अप्रैल को 06 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके छात्र-छात्राओं को ही कक्षा-1 में प्रवेश दिया जाए।
अतः जनहित एवम् छात्रहित में, जिलाधिकारी को प्राप्त प्रशासकीय एवम् अनुश्रवण शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखिति आदेश एवम् निर्देश निर्गत किए जाते है :-
- फीस निर्धारण एवम् वृद्धि :
परामर्श अनिवार्यः कोई भी निजी स्कूल बिना किसी ठोस कारण और अभिभावक / विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) से परामर्श किए बिना फीस नहीं बढ़ाएगा।
लिखित प्रमाणः फीस वृद्धि का लिखित औचित्य (Justification) पिछले वर्षों के रिकॉर्ड के साथ सुरक्षित रखना होगा।
रोक की शक्तिः जाँच लंबित रहने की स्थिति में जिलाधिकारी / मुख्य शिक्षा अधिकारी फीस वृद्धि में रोक लगा सकते है।
- यूनिफॉर्म (ड्रेस) के नियम :
किसी विशेष दुकान/विक्रेता से यूनिफॉर्म खरीदने हेतु बाध्य करना प्रतिबंधित रहेगा।
यूनिफॉर्म का स्वरूप ऐसा होना चाहिए जो सामान्य बाजार में आसानी से मिल सके।
अनावश्यक रूप से बार—बार यूनिफॉर्म परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
- पाठ्य-पुस्तकें :
NCERT/SCERT अथवा शासन द्वारा अनुमन्य पाठ्यक्रम की पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
किसी विशेष प्रकाशक/दुकान से खरीद हेतु प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष दबाव पूर्णत-प्रतिबंधित रहेगा।
कापियों में विद्यालय का लोगो नहीं लगाया जायेगा।
- पारदर्शिता :
प्रत्येक विद्यालय अपने फीस स्ट्रक्चर, यूनिफॉर्म एवम् पुस्तक सूची को विद्यालय परिसर के नोटिस बोर्ड एवम् बेब साइट (यदि उपलब्ध हो) पर प्रदर्शित करेगा। वांछित शुल्क के अतिरिक्त कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा।
समस्त सूचना शैक्षिक सत्र प्रारम्भ होने से पूर्व अभिमावकों को उपलब्ध कराई जाएगी।
- निरीक्षण एवम् अनुश्रवण :
जनपद के समस्त निजी विद्यालयों का निरीक्षण मुख्य शिक्षा अधिकारी / जिला शिक्षा अधिकारी एवम् मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा नामित जाँच समिति द्वारा कराया जाएगा।
निरीक्षण संलग्न चैक लिस्ट के अनुसार किया जाना अनिवार्य होगा।
निरीक्षण रिपोर्ट अभिलेखीय साक्ष्यों सहित अधोहस्ताक्षरी को प्रस्तुत की जाएगी।
- उल्लंघन की स्थिति में कार्यवाही :
निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर सम्बन्धित विद्यालय के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा, एवम् शासन / निदेशालय को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
मान्यता निलंबन/प्रत्याहरण की संस्तुति की जाएगी।
इसके अतिरिक्त शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
संलग्नक
निजी विद्यालय निरीक्षण चैक लिस्ट (संक्षेप)
फीस
लिखित फीस स्ट्रक्चर उपलब्ध
फीस वृद्धि का औचित्य दर्ज
अनधिकृत / कैपिटेशन फीस नहीं
वेबसाइट तथा नोटिस बोर्ड पर घोषित है/नहीं
यूनिफॉर्म
सामान्य बाजार में उपलब्ध
एकल विक्रेता की बाध्यता नहीं
बार-बार परिवर्तन नहीं
पुस्तकें
NCERT/SCERT प्राथमिकता
विशेष दुकान/प्रकाशक का दबाव नहीं
कापियों में विद्यालय का लोगो है या नहीं
पारदर्शिता
नोटिस बोर्ड/बेब साइट पर समस्त सूचनाओं का विवरण
अभिमवक बैठक में सूचना
शिक्षक अभिभावक संघ का गठन
समग्र निष्कर्ष
अनुपालन किया जा रहा है
आंशिक उल्लंघन
गंभीर उल्लंघन
अनुशासित कार्यवाही :
यह आदेश जनपद नैनीताल के समस्त निजी विद्यालयों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
दिनांक: 22-01-2026
22.01236
(ललित मोहन रयाल), जिलाधिकारी, नैनीताल

