भरण-पोषण आदेश नही माना, पुत्र के खिलाफ 1.50 लाख की आरसी जारी

जनदर्शन में बुजुर्ग महिला के बिल में दी राहत

35 हजार का पानी बिल घटाकर 14,372 किया, राइफल फंड से भुगतान

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। जनता दर्शन कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े दो मामलों में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत दिलाई।
एक मामले में भरण-पोषण आदेश की अवहेलना करने पर पुत्र के खिलाफ 1.50 लाख रुपये की रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी की गई, जबकि दूसरे मामले में बुजुर्ग महिला का लंबित पेयजल बिल घटाकर उसका भुगतान प्रशासन द्वारा कराया गया।

भरण-पोषण आदेश की अवहेलना पर आरसी जारी

जनता दर्शन में 68 वर्षीय बीमार बुजुर्ग अशोक धवन ने जिलाधिकारी सविन बंसल से शिकायत करते हुए बताया कि उनके पुत्रों द्वारा उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और उत्पीड़न किया जा रहा है तथा उन्हें घर से बेदखल कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि एसडीएम न्यायालय द्वारा वर्ष 2023 और जुलाई 2025 में पारित भरण-पोषण आदेशों के बावजूद उन्हें धनराशि नहीं दी जा रही है।

पीड़ित बुजुर्ग ने अवगत कराया कि 23 सितंबर 2023 को एसडीएम, देहरादून द्वारा उनके पुत्र नितिन धवन को प्रतिमाह 4,000 रुपये भरण-पोषण राशि देने का आदेश दिया गया था, जिसे 5 जुलाई 2025 को बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया।
साथ ही उनकी संपत्ति पर अवैध कब्जा न करने और दुर्व्यवहार न करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद आरोपी पुत्र द्वारा भरण-पोषण राशि देने से इंकार किया जाता रहा।
जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए बकाया भरण-पोषण राशि की वसूली के लिए 1.50 लाख रुपये की आरसी जारी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की अनदेखी और न्यायालयीय आदेशों की अवमानना किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बुजुर्ग महिला को पानी बिल में राहत

जनता दर्शन में सहस्त्रधारा निवासी बुजुर्ग महिला हरदीप कौर ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनका पेयजल बिल 35 हजार रुपये आ गया है, जिसे वह भरने में असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि वह अकेली रहती हैं, उनकी आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है और वह बीमार भी रहती हैं।

महिला ने बताया कि कुछ वर्ष पहले जल कनेक्शन काटने के लिए उन्होंने आवेदन किया था। इस दौरान कुछ लोग 5,000 रुपये लेकर चले गए, लेकिन कनेक्शन नहीं काटा गया। बाद में कार्यालय में जानकारी मिली कि ऐसे किसी कर्मचारी की तैनाती नहीं थी और वह ठगी का शिकार हो गईं।

जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल संस्थान से रिपोर्ट तलब की। जांच के बाद 27 माह के लंबित 35,000 रुपये के बिल को संशोधित कर 14,372 रुपये किया गया। जिलाधिकारी ने महिला की आर्थिक स्थिति को देखते हुए राइफल फंड से इस राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा यह धनराशि चेक के माध्यम से जल संस्थान को उपलब्ध कराई जा रही है।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वरिष्ठ नागरिकों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए और ऐसे प्रकरणों में संवेदनशीलता बरती जाए। उन्होंने कहा कि जनता दर्शन कार्यक्रम आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है।

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