तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगमता सर्वोच्च प्राथमिकता — सचिव पर्यटन
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा 2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संचालन हेतु सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत कुमार आर्य, जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार एवं जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (UTDB) बी एल राणा तथा उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अधिकारीगण शामिल रहे।
बैठक का प्रारम्भ चारधाम यात्रा पंजीकरण एवं पर्यटक केयर प्रबंधन से जुड़ी तकनीकी टीम द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण से हुआ।
प्रस्तुति में ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली, भीड़ प्रबंधन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, हेल्पलाइन सेवाओं तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की तैयारियों की जानकारी साझा की गई। विशेष रूप से इस वर्ष प्रस्तावित सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित पंजीकरण व्यवस्था पर चर्चा की गई, जिससे तीर्थयात्रियों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
सचिव पर्यटन ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा से पूर्व आवश्यक तैयारियों हेतु जनपदों को अग्रिम धनराशि समयबद्ध रूप से जारी की जाए, ताकि आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण एवं यथोचित व्यवस्थाओं में कोई विलंब न हो।
उन्होंने यात्रा मार्गों पर मूलभूत सुविधाओं के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वच्छता, शौचालयों की समुचित व्यवस्था, विश्राम स्थलों (शेल्टर) के निर्माण एवं रखरखाव तथा पेयजल उपलब्धता पर विशेष बल दिया।
सुरक्षा एवं पर्यटन प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सचिव पर्यटन ने पर्यटक पंजीकरण पोर्टल की कार्यप्रणाली का तकनीकी टीम के साथ गहन परीक्षण किया। उन्होंने पोर्टल को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल (User Friendly) एवं सर्वसुलभ बनाने के निर्देश दिए, ताकि वरिष्ठ नागरिकों एवं विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल एवं सहज हो सके।
बैठक के दौरान सचिव पर्यटन ने प्रत्येक जिलाधिकारी के साथ पृथक रूप से विस्तृत चर्चा की तथा उनके जनपदों में यात्रा संबंधी तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा मार्गों पर बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ विकास, सुगम आवागमन, यात्री सुविधा केंद्रों के उन्नयन तथा समन्वित प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए।
इस अवसर पर सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा—
“चारधाम यात्रा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव है। हमारी प्राथमिकता है कि प्रत्येक तीर्थयात्री को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमामय अनुभव प्राप्त हो। राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, आधारभूत सुविधाएँ एवं तकनीकी व्यवस्थाएँ सर्वोत्तम स्तर पर उपलब्ध हों। हमारा लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा 2026 सुगमता, पारदर्शिता और उत्कृष्ट प्रबंधन का उदाहरण बने।”
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध कार्ययोजना के अनुरूप तैयारियों को पूर्ण करें, ताकि आगामी चारधाम यात्रा राज्य की प्रशासनिक दक्षता और आतिथ्य परंपरा का आदर्श उदाहरण सिद्ध हो सके।

