गैंगेस्टर की हत्या के बाद सत्यापन अभियान शुरू,अधिकारी के साथ गैंगेस्टर की फ़ोटो पर चुप्पी!
सीएम ने न्यायिक व्यवस्था को बताया सशक्त बनाने वाला कदम बताया
अविकल उत्तराखण्ड
खटीमा/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर खटीमा सिविल न्यायालय परिसर में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से अधिवक्ताओं के लिए निर्मित नए चैम्बर का फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर लोकार्पण किया।
दूसरी ओर, दून में हुई गैंगेस्टर की हत्या के विक्रम शर्मा की हत्या के बाद अलर्ट हुई पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलिंग व निर्माण कार्य से जुड़े लोगों का सत्यापन करेगी।
रविवार को मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को महाशिवरात्रि और नए चैम्बर के निर्माण की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भवन विधि अध्ययन और न्यायिक विमर्श का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी और अधिवक्ताओं तथा आमजन को सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न्याय व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए भारतीय न्याय संहिता 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू की गई हैं। ई-कोर्ट, डिजिटल केस प्रबंधन, फास्ट ट्रैक और विशेष न्यायालयों जैसी व्यवस्थाओं से न्याय प्रणाली अधिक सरल और विश्वसनीय बनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में हजारों नए न्यायालय भवन और आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है। उत्तराखंड में भी न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने और विधि शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने खटीमा के सर्वांगीण विकास का संकल्प दोहराया।
अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैम्बर बनाने को 2.50 करोड़ की घोषणा
मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं की सुविधा को देखते हुए 20 नए चैम्बर निर्माण के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न्यायिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिला जज सिकंदर कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव भरत पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।

सघन सत्यापन अभियान शुरू
देहरादून। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रदेशव्यापी सघन सत्यापन अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान सभी जनपदों में थाना और चौकी स्तर तक चलाया जाएगा तथा इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी।

गौरतलब है कि गैंगेस्टर विक्रम शर्मा का कुमाऊं में स्टोन क्रशर होने की चर्चा के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। झारखंड के गैंगेस्टर विक्रम दून के सहस्त्रधारा रोड स्थित हिल व्यू अपार्टमेंट में किराए पर रह रहा था। नतीजतन, खुफिया तंत्र पर भी सवाल उठने लगे थे। आखिर कैसे एक बदमाश वर्षों से दून में निवास कर रहा था। जबकि 2017 में झारखंड पुलिस विक्रम को देहरादून से ही गिरफ्तार कर ले गयी थी।
यह भी उल्लेखनीय है कि विक्रम शाह के कुछ अधिकारियों के साथ फोटो भी वॉयरल हुई। कुमाऊं के कमिश्नर दीपक रावत के साथ विक्रम की फ़ोटो वॉयरल होने के बाद उसकी ऊंची पहुंच के भी चर्चा होने लगी है। विक्रम ने अपने फेसबुक पेज में यह फोटो लगाई थी। इस फोटो वॉयरल होने के बाद अभी तक सम्बंधित पक्ष की ओर से कोई सफाई नहीं आयी है।

अभियान के तहत अपार्टमेंट, किराये के मकान, छात्रावास, होटल, आश्रम, होम-स्टे और अतिथि गृह में रहने वाले लोगों का सत्यापन किया जाएगा। बिना पुलिस सत्यापन किरायेदार रखने या संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही डिलीवरी कर्मियों, सुरक्षा गार्ड, टैक्सी चालकों और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों का भी सत्यापन होगा।
अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी निवास कर रहे व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने कहा कि अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बनाए रखना है।

