एसएसबी ने प्रतिभागियों को दिए प्रमाण पत्र
पिथौरागढ़, झूलाघाट, बगरीहाट, जौलजीबी में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण कैंप का समापन
अविकल उत्तराखंड
पिथौरागढ़। सशस्त्र सीमा बल की 55वीं वाहिनी, पिथौरागढ़ द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए सात दिवसीय भर्ती पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। यह कार्यक्रम गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं सशस्त्र सीमा बल मुख्यालय के निर्देशानुसार 9 फरवरी से शुरु किया गया था।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कमांडेंट आशीष कुमार के मार्गदर्शन में वाहिनी मुख्यालय पिथौरागढ़ सहित सीमा चौकी जौलजीबी, झुलाघाट तथा बगड़ीहाट के कार्यक्षेत्र में एक साथ संचालित किया गया। झुलाघाट, जौलजीबी एवं बगड़ीहाट में संबंधित कंपनी कमांडरों द्वारा कार्यक्रम का समापन के दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गए।
भर्ती से संबंधित लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं/युवतियों को केंद्रीय सशस्त्र बलों में भर्ती की प्रक्रिया हेतु शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक रूप से सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा की भावना एवं प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। सशस्त्र सीमा बल द्वारा सीमावर्ती युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें केंद्रीय सशस्त्र बलों में सेवा का अवसर प्रदान करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन सोसाइटी फॉर एक्शन इन हिमालया के सौहार्दपूर्ण सहयोग से किया गया, जिसके अंतर्गत आवश्यक संसाधन, समन्वय एवं व्यवस्थागत सहयोग प्रदान किया गया। सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं व्यक्तिगत विकास में इस प्रकार के कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है।
समापन अवसर पर त्रिभुवन प्रसाद, उप-कमांडेंट, 55वीं वाहिनी द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के युवा देश की सुरक्षा व्यवस्था की प्रथम पंक्ति हैं और उनमें केंद्रीय सशस्त्र बलों में सेवा करने की अपार क्षमता है। उन्होंने युवाओं से अनुशासन का पालन करने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने एवं प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर निमित अहलावत, उप-कमांडेंट, बिप्लब कुमार रॉय, उप कमांडेंट, नीरज चौहान, सहायक कमांडेंट (संचार) एवं सोसाइटी फॉर एक्शन इन हिमालया के निदेशक जगत सिंह मर्तोलिया की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को शारीरिक दक्षता, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, मानसिक सुदृढ़ता, चिकित्सा परीक्षण, लिखित परीक्षा की तैयारी, सामान्य ज्ञान, जीवन कौशल एवं केंद्रीय सशस्त्र बलों में उपलब्ध करियर अवसरों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को व्यवस्थित एवं परिणामोन्मुखी प्रशिक्षण दिया गया।
सोसाइटी फॉर एक्शन इन हिमालया के निदेशक जगत मर्तोलिया ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम सीमावर्ती युवाओं के आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक एवं विकासात्मक कार्यक्रमों में सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सात दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सीमावर्ती युवाओं के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों में चयन की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायक पहल सिद्ध होगा तथा राष्ट्र की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

