अभियान के सफल 2 महीने
जनसंवाद से समस्या निवारण की श्रेष्ठतम पहल : भाजपा
अभियान के आंकड़े, अंत्योदय कल्याण भावना को धरातल पर उतारने वाले !
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। भाजपा ने “जन जन की सरकार, जन जन के द्वार” अभियान को कल्याणकारी राज्य की अवधारणा स्थापित करने वाला बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने अभियान के सफलतापूर्वक 2 महीने पूरे होने पर मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनसंवाद से समस्या निवारण की श्रेष्ठतम पहल बताया। इस अभियान के आंकड़े, अंत्योदय कल्याण के सिद्धांत को धरातल पर उतारने की कहानी बयां कर रहे हैं।
उन्होंने मीडिया में जारी प्रतिक्रिया में कहा, सीएम पुष्कर धामी के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के चौमुखी विकास के साथ प्रत्येक व्यक्ति के जलकल्याण पर प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। आज पीएम मोदी द्वारा निर्धारित वर्तमान दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लक्ष्य पर राज्य आगे बढ़ गया है। राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी, शिक्षा आदि तमाम क्षेत्रों में विकास के अनेकों आयाम जोड़े गए हैं। जिसका सीधा-सीधा लाभ, आम जनता के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव और खुशहाली लाने वाला साबित हुआ है।

उन्होंने कहा, हमारी डबल इंजन सरकार के इन्हीं कामों पर प्रदेश की जनता, बार-बार संतुष्टि की मुहर लगा रही है। लेकिन हम इतने से भी संतुष्ट होने वाले नहीं है और यह अभियान अंत्योदय कल्याण की भावना के अंतर्गत चलाया गया। जिसका लक्ष्य था प्रत्येक राज्यवासी को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना और उनकी समस्या का निवारण करना। पहले 45 दिन की समयावधि तय की गई थी, जिसे जनहित में बढ़ाया गया। इन दो महीनों में अभियान के जो परिणाम सामने आए हैं वह बेहद उत्साहवर्धक और संतोषजनक हैं। किसी भी सरकार की कल्पना से करे हैं कि न्याय पंचायत स्तर पर जनता के द्वार पर बहुउद्देशीय शिविर लगाए जाएं। उसमें भी सफलता ऐसी कि कैंप में 5 लाख से अधिक लोग प्रतिभागी बनें और उसमें से लगभग 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिले।
इस अभियान की सबसे खासियत रही, नौकरशाही की जटिलताओं को कम करना और प्रशासन का खुद जनता के मध्य पहुंचकर सीधा संवाद स्थापित करना। जिसका लाभ यह रहा कि मौके पर ही 60 फीसदी समस्याओं का त्वरित समाधान हो गया। ये नई पहल थी किसानों को सब्सिडी पर बीज, उर्वरक और कृषि यंत्र जैसे कल्टीवेटर आदि बांटे गए, दैनिक जीवन से जुड़े अनेकों प्रमाणपत्र जारी हुए, अनेकों योजनाओं का सिंगल विंडो सिस्टम से लाभ जनता को मिला। पंचायत स्तर कर नोडल अधिकारी नियुक्त होने से अभियान का प्रबंधन और प्रभाव शानदार रहा। आज हम निसंदेह कह सकते हैं कि राज्य के हर जरूरतमंद व्यक्ति को योजनाओं से जोड़ने और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण करने में एक महत्वपूर्ण कदम हमने तय किया है। यह अभियान ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए तो विशेषकर वरदान साबित हुआ है। जिससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और विकास की गति के साथ, जनता का भरोसा भी व्यवस्था पर बढ़ा है।

उन्होंने सरकार के इस प्रयास को जनसेवा के क्षेत्र में अभूतपूर्व पहल बताया है। सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे सुदूर ग्रामीण इलाकों, न्याय पंचायतों के निवासियों तक पहुंचाने के लक्ष्य में यह अभियान शत प्रतिशत सफल हुआ है। साथ ही दावा किया कि ये अभियान संविधान के अनुशार, कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को स्थापित करने में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है।

