सामुदायिक पुस्तकालय के तीन विद्यार्थी बने पुलिस कांस्टेबल

एक वर्ष के भीतर मिली उपलब्धि से जश्न का माहौल

तीनों सफल युवको को करेंगे सम्मानित

सीमांत के नौजवानों को नया मुकाम देता पुस्तकालय

अप्रैल माह में दस स्थानों में चालू करने की रणनीति

अविकल उत्तराखंड

मुनस्यारी। सामुदायिक पुस्तकालय ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में एक नहीं तीन उपलब्धि सोमवार को हासिल की। मेडिकल होने के बाद पुस्तकालय में अध्ययनरत तीन विद्यार्थी उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हो गए है। इस सफलता पर पुस्तकालय सहित सीमांत क्षेत्र में खुशी की लहर है। होली के बाद तीनों युवको को पुस्तकालय में सम्मानित किया जाएगा।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह मर्तोलिया ने अपनी जिला पंचायत की निधि से मुनस्यारी सहित 10 स्थानों में 49 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक पुस्तकालय की स्थापना के लिए फर्नीचर तथा कम्पटीशन की पुस्तके उपलब्ध कराई।

स्थानीय सामुदायिक पुस्तकालय में अध्ययनरत ग्राम पंचायत कुलथम निवासी जगदीश सिंह बघरी पुत्र महेंद्र सिंह, शांति देवी ग्राम पंचायत गिनी निवासी हरीश सिंह राणा पुत्र लाल सिंह राणा, तिलगा देवी ग्राम पंचायत ढूनामानी निवासी नकुल सिंह भण्डारी पुत्र दुर्गा सिंह, बसंती देवी उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल पद पर भर्ती हो गए है।

इन तीनों युवको ने सामुदायिक पुस्तकालय में नियमित रूप से अध्ययन किया। एक वर्ष पूर्व खुले इस पुस्तकालय के परिणाम भी अब सामने आने लगे है। तीनों युवा पहले अध्ययनरत विद्यार्थी है, जिन्होंने पुस्तकालय में अध्ययन करते हुए परीक्षा उत्तीर्ण कर सीधे भर्ती होने में सफलता प्राप्त की है।

सामुदायिक पुस्तकालय अवधारणा के जनक सोसायटी फॉर एक्सन इन हिमालया के अध्यक्ष जगत सिंह मर्तोलिया ने कहा कि आज पुस्तकालय के लिए सुखद क्षण है। उन्होंने कहा अप्रैल तक हमारे दस के दस पुस्तकालय खुल जाएंगे। उन्होने कहा कि सीमांत क्षेत्र के नौजवानों के लिए सरकारी रोजगार तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में पुस्तकालय में विभिन्न गतिविधियां होती है। उन्होंने कहा कि यह एक जीवंत पुस्तकालय है। जिसे शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का केंद्र बनाया जा रहा है।

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