अविकल उत्तराखंड
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने जंतर-मंतर पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया । इस धरने के माध्यम से पूर्व सैनिकों की प्रमुख मांगों को जोरदार तरीके से उठाया गया।
पार्टी के पूर्व सैनिक विभाग के चेयरमैन कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संकल्प के अनुसार सैनिक समाज के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक मजबूती से लगातार लड़ी जा रही है।
उहोंने बताया कि 29 दिसंबर 2025 को नेता विपक्ष राहुल गांधी ने रक्षा मामलों से जुड़ी संसद की स्थायी समिति की बैठक में पूर्व सैनिकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाया।
9 फरवरी 2026 को राहुल गांधी ने संसद भवन में पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया था कि कांग्रेस पार्टी सैनिक समाज के साथ सड़क से संसद तक खड़ी रहेगी।
25 फरवरी 2026 को राहुल गांधी जी ने पूर्व सैनिकों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर इन समस्याओं के समाधान की मांग की।
इसी कड़ी में ब दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर पार्टी के पूर्व सैनिक विभाग द्वारा विशाल धरने के माध्यम से पूर्व सैनिकों की प्रमुख मांगों को जोरदार तरीके से उठाया गया
प्रमुख मांगे
- Save Disability Pension
(डिसेबिलिटी पेंशन पर प्रस्तावित टैक्स को समाप्त किया जाए) - Save ECHS
(ECHS के अंतर्गत लगभग ₹14,000 करोड़ रुपये के लंबित बकाया तुरंत जारी किए जाएं) - अग्निपथ योजना को समाप्त किया जाए
- भाजपा शासित राज्यों में सैनिकों के साथ हो रही मारपीट और अपमान की घटनाओं पर तुरंत रोक लगे
ज्ञात रहे कि दिव्यांग सैनिकों की डिसेबिलिटी पेंशन को टैक्स-फ्री रखने की व्यवस्था 1922(104 साल) से लागू है। आजादी के बाद Income Tax Act, 1961 के तहत तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने भी इस व्यवस्था को जारी रखा था।
इसके बावजूद वर्ष 2026 के बजट में मोदी सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों की डिसेबिलिटी पेंशन पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव लाया गया है, जिसे सैनिक समाज ने अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण बताया है।
इसके अतिरिक्त ECHS हेल्थ स्कीम के अंतर्गत अस्पतालों और पूर्व सैनिकों के लगभग ₹14,000 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं, जिसके कारण पूर्व सैनिकों को समय पर समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।
साथ ही अग्निपथ योजना को देश के युवाओं और सशस्त्र बलों दोनों के लिए नुकसानदेह बताते हुए इसे तुरंत समाप्त करने की मांग की गई।
धरने में यह भी मुद्दा उठाया गया कि भाजपा शासित कुछ राज्यों में पुलिस और असामाजिक तत्वों द्वारा सैनिकों के साथ मारपीट और अपमान की घटनाएँ सामने आ रही हैं, जिन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि देश में चल रहे ऑपरेशन सिंदूर जैसे सुरक्षा अभियानों के बीच यदि सैनिकों और पूर्व सैनिकों का मनोबल गिरता है तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
रैली में उत्तराखंड पूर्व सैनिक कांग्रेस के अध्यक्ष कर्नल रामरतन नेगी के नेतृत्व में प्रदेश के पूर्व सैनिक कांग्रेस पदाधिकारियों ने बडी संख्या में प्रतिभाग किया।
रैली में लेफ्टिनेंट गोपाल गड़िया उपाध्यक्ष , सूबेदार कुन्दन सिंह जिला अध्यक्ष नैनीताल, सूबेदार कमल सिंह उत्तरकाशी कांग्रेस, कैप्टन बचन सिंह जिलाअध्यक्ष चमोली, सूबेदार बृज पाल नगर अध्यक्ष कोटद्वार, सूबेदार सुरजीत डीसीसी परवादून और उत्तराखंड से 150 पूर्व सैनिक और उत्तराखंड कांग्रेस कार्यकर्ता ने भाग लिया I

