स्पीकर के विनिश्चय के बाद सरकार के ‘जवाब’ से विपक्ष का हंगामा
बजट सत्र- सत्ता पक्ष के फ्लोर मैनेजमेंट पर उठे सवाल
स्पीकर के संरक्षण को कांग्रेस ने खूब भुनाया
अविकल थपलियाल
गैरसैंण। इस बार के बजट सत्र में स्पीकर ने विपक्ष को काफी मौका देकर उनकी पुरानी शिकायत को दूर करने की कोशिश की। गुरुवार को भोजनावकाश के बाद कांग्रेस ने गैस सिलिंडर की व्यवस्था के बाबत संसदीय कार्य मंत्री से काफी सवाल किए।
गैस सिलिंडर की कमी व कालाबाजारी के मुद्दे पर स्पीकर के आदेश (विनिश्चय) के बाद भी संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल का जवाब कांग्रेस को संतुष्ट नहीं कर पाया। संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने LPG को केंद्र का विषय बताते हुए पल्ला झाड़ने की कोशिश की। लेकिन आर्य,प्रीतम,निजामुददीन,अनुपमा रावत ,हरीश धामी समेत सभी विपक्षी बेंच ने उनके इस वक्तव्य पर जमकर हल्ला बोला।

इस दौरान स्पीकर ऋतु खण्डूड़ी भी सरकार की ओर से जवाब नहीं आने की बात कह गईं। इससे बैकफुट पर आए सत्ता पक्ष को विशेष किरकिरी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, मंत्री सौरभ बहुगुणा व विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने आक्रामक कांग्रेस बेंच का मुकाबला करने की कोशिश की। लेकिन विपक्ष के जबरदस्त अनुभवी व धारदार आक्रमण के आगे मुन्ना व सौरभ भी एक सीमा से आगे नहीं बढ़ पाए।
कांग्रेस ने सदन में तत्काल अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए स्पीकर से ही उनका विनिश्चय वापस लेने की मांग कर दबाव भी बढ़ाया । और कहा कि जब सरकार जवाब नहीं दे पा रही है तो स्पीकर अपना विनिश्चय वापस ले ले।
लेकिन स्पीकर ने भी कह दिया कि वे अपना आदेश वापस नहीं लेंगी। और सरकार से फिर जवाब मांगा। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल विपक्ष के जाल में फंसते चले गए।

सरकार कहती रही कि LPG केंद्र का विषय है। उत्तराखण्ड के सदन में चर्चा नहीं हो सकती। लेकिन कांग्रेस ने रसोई से जुड़े इस ताजे संकट पर सरकार पर चर्चा का कराने का दबाव बनाए रखा।
जोरदार हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने भोजनावकाश के बाद 3 बजे शुरू हुए सदन की कार्यवाही को 4 बजे तक स्थगित कर दी।
इस दौरान ट्रेजरी बेंच (सत्ता पक्ष) की एक गम्भीर लापरवाही भी सामने आई।
स्पीकर ने इस मुद्दे पर भी बेबाक राय रख दी। स्पीकर ने भाजपा के कम सदस्यों की मौजूदगी (सम्भवतः ग्यारह सदस्य) पर भी नाराजगी दिखाई। और कहा कि बार बार कहने के बावजूद भोजनावकाश के बाद सत्ता पक्ष के सदस्य सत्र में नहीं आ रहे हैं।
कांग्रेस ने भी मौके को लपकते हुए कह दिया कि सदन में सरकार अल्पमत में है। अगर विनियोग विधेयक के समय सत्ता पक्ष के इतने विधायक गैरहाजिर होते तो धामी सरकार गहरे संकट में फंस जाती।

सत्र के चौथे दिन सरकार का फ्लोर मैनेजमेंट बुरी तरह गड़बड़ाया। संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल विपक्ष के विशेष निशाने पर हैं।
उनियाल की काजी निजामुददीन पर कुपोषण सम्वन्धी टिप्पणी भी खूब वॉयरल हो रही है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के गैरसैंण को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने सम्वन्धी बयान की भी विपक्ष खूब मजम्मत कर रहा है।
बहरहाल, गैरसैंण के इस बार के बजट सत्र में स्पीकर ऋतु खण्डूडी ने कांग्रेस को बोलने का मौका देकर पुराने ‘दाग’ धुलवा लिए।

सत्र के बहाने भाजपा विधायकों की ‘उदासीनता’ को रेखांकित कर स्पीकर ने इस व्यवहार पर नाराजगी जता कर कुछ नये संकेत दिए।
बहरहाल, विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के दौरान स्पीकर का भरपूर संरक्षण मिलने से भराड़ीसैंण की ठंड में कांग्रेस खेमे को भी विशेष गर्मी का अहसास हो रहा है…
बजट पर सामान्य चर्चा जारी

12 मार्च गुरुवार को विधानसभा में बजट पर सामान्य चर्चा जारी रही।
सत्र के दौरान अल्पसूचित प्रश्नों एवं तारांकित प्रश्नों को सदन में उठाया गया, जिन पर संबंधित मंत्रियों द्वारा उत्तर दिए गए।
इसके उपरांत नियम 300 के अंतर्गत प्राप्त 07 सूचनाओं को स्वीकार किया गया। साथ ही नियम 58 के अंतर्गत 05 सूचनाओं तथा नियम 310 की एक सूचना, जिसे नियम 58 में परिवर्तित किया गया, पर सदन में चर्चा हुई।
इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026–27 के आय-व्ययक (सामान्य बजट) पर माननीय नेता प्रतिपक्ष द्वारा चर्चा जारी रखी गई। इस दौरान अन्य सदस्यों ने भी बजट से संबंधित विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। सामान्य बजट पर चर्चा कल भी जारी रहेगी। चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर भी विपक्ष ने काफी सवाल उठाए
स्पीकर ऋतु खण्डूडी ने दो सूचनाओं को नियम 53 के अंतर्गत स्वीकार किया गया।
गुरुवार की सायं 7:35 बजे स्पीकर ने सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। 13 मार्च को
11 मार्च तक सदन में 11 विधेयक पारित किए गए थे।
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