उत्तराखंड विधानसभा में कांग्रेस ने भ्रष्टाचार पर घेरा

कांग्रेस का आरोप, दलाल धमका रहे अधिकारियों को

कैग रिपोर्ट को लेकर विपक्ष का हमला

अविकल उत्तराखंड

गैरसैंण। भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में चल रहे उत्तराखंड बजट सत्र 2026 के पांचवें दिन सदन में भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुख रूप से छाया रहा। विपक्ष ने विभिन्न विभागों में कथित अनियमितताओं और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकार को घेरा।

वहीं सरकार ने अपने पक्ष में योजनाओं और उपलब्धियों का हवाला दिया।
सत्र की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सवाल-जवाब हुए। बाद में नियम 58 के तहत भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई, जिसमें विपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार की जड़ें लगातार मजबूत हो रही हैं और सरकार का जीरो टॉलरेंस का दावा धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती घोटाले, योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों में अनियमितताओं के कई मामले सामने आ चुके हैं। जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं। खुली छूट है।

उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू समाप्त कर पारदर्शिता लाने का प्रयास किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने होम्योपैथिक डॉक्टरों की भर्ती में नियमों में बदलाव कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में 67 हजार से अधिक सरकारी बसें बिना फिटनेस के संचालित हो रही हैं।

कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने कहा कि सचिवालय में दलालों ने अड्डा जमा लिया है। धामी ने कहा कज वे सभी का नाम खोलेंगे। ये दलाल अधिकारियों को धमका रहे हैं। और प्रदेश को लूट रहे हैं।

भ्रष्टाचार और योजनाओं के मुद्दे पर सियासी टकराव

विधानसभा के इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिल रही है। विपक्ष जहां भ्रष्टाचार, भर्ती घोटाले और विकास कार्यों में अनियमितताओं के मुद्दे उठा रहा है, वहीं सरकार योजनाओं और विकास कार्यों के जरिए अपनी उपलब्धियां गिना रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए दोनों पक्ष सदन के भीतर और बाहर अपनी राजनीतिक रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में बजट सत्र के दौरान कई मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना बनी हुई है।

महिला सशक्तिकरण और रोजगार योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के माध्यम से अब तक 2.55 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है और उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। वहीं मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देकर उन्हें विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

सदन में उठे प्रमुख मुद्दे

प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार पर चर्चा

कैग रिपोर्ट व भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर बहस

  • विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर विपक्ष का हमला
  • 67 हजार से अधिक सरकारी बसें बिना फिटनेस के संचालित

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