कई अहम एमओयू पर हस्ताक्षर
300 से अधिक उद्यमियों की भागीदारी, 51 महिला उद्यमियों का सम्मान
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत देहरादून स्थित सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट, ओल्ड मसूरी रोड में एक दिवसीय “उद्यमशाला महोत्सव” आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म उद्यम मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया।
कार्यक्रम में योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अपर सचिव एवं परियोजना समन्वयक झरना कमठान ने बताया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इसके तहत कृषि, होमस्टे, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, हथकरघा, औषधीय एवं सुगंधित पौधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमियों को तकनीकी सहयोग और बिजनेस इनक्यूबेशन प्रदान किया जा रहा है।

योजना का क्रियान्वयन हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें अल्मोड़ा (हवालबाग) और पौड़ी (कोटद्वार) हब के रूप में कार्य कर रहे हैं।
महोत्सव में राज्यभर से लगभग 300 उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, महिला उद्यमियों, विद्यार्थियों, प्रशिक्षणार्थियों, मार्केट पार्टनर्स और मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 51 महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को सम्मानित किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ और त्रैमासिक न्यूजलेटर का विमोचन भी किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि “उद्यमशाला महोत्सव नवाचार और आत्मनिर्भरता का संगम है।” उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब गांव मजबूत होंगे, तभी राज्य और देश मजबूत होगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन के सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, जहां प्रवासी अपने गांवों में लौटकर स्वरोजगार इकाइयों की स्थापना कर रहे हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वरोजगार योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में सचिव ग्राम्य विकास धीराज सिंह गब्र्याल की उपस्थिति में ग्राम्य विकास विभाग और 11 संस्थानों के बीच को-इन्क्यूबेशन और मार्केट लिंकेज के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इससे उद्यमियों को बाजार तक पहुंच, क्षमता विकास और तकनीकी सहयोग प्राप्त होगा।
इसके अतिरिक्त, योजना के तहत चयनित 100 उद्यमियों ने “एमओयूवाई ओलंपिक” में भाग लिया, जिसमें बिजनेस पिच, प्राइसिंग और क्षमता का मूल्यांकन किया गया। इनमें से 30 विजेताओं और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।
सचिव धीराज सिंह गब्र्याल ने कहा कि उद्यमिता विकास के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है और इसके जरिए पलायन की समस्या का समाधान संभव है। उन्होंने सीमांत और पलायन प्रभावित गांवों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम में आयुक्त एवं अपर सचिव अनुराधा पाल, अपर सचिव झरना कमठान, अपर आयुक्त भरत चंद्र भट्ट, संयुक्त विकास आयुक्त संजय कुमार सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आर.जे. काव्य ने किया।

