तकनीकी मानकों और संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर होगा फैसला
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्वनी वैष्णव ने लोकसभा में त्रिवेणी एक्सप्रेस के पुनः संचालन से संबंधित जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में बरवाडीह-चोपन रेलखंड पर कुल 28 रेलगाड़ी सेवाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें पैसेंजर, एक्सप्रेस और राजधानी जैसी विभिन्न श्रेणियों की ट्रेनें शामिल हैं।
इनमें बरवाडीह-चुनार पैसेंजर, भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस, रांची-चोपन एक्सप्रेस, हटिया-आनंद विहार एक्सप्रेस, रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, कोलकाता-मदार एक्सप्रेस, अहमदाबाद-कोलकाता एक्सप्रेस, हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस, सांतरागाछी-अजमेर एक्सप्रेस, टाटानगर-जम्मू तवी एक्सप्रेस, संबलपुर-जम्मू तवी एक्सप्रेस और शक्तिपुंज एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं।
वहीं, चोपन-टनकपुर रेलखंड पर दो जोड़ी रेलगाड़ियां संचालित हैं, जिनमें सिंगरौली-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस तथा शक्तिनगर-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस प्रमुख हैं।
Indian Railways द्वारा Indian Institute of Technology Bombay के सहयोग से समय-सारणी के वैज्ञानिक युक्तिकरण का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ट्रेनों की गति बढ़ाना, समयपालन में सुधार करना और अनुरक्षण कार्यों के लिए विशेष ब्लॉक बनाकर यात्री सुरक्षा को मजबूत करना है। इसी क्रम में चलती ट्रेन में शंटिंग से बचाव हेतु स्लिप कोच और लिंक रेलगाड़ियों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी रेलखंड पर नई सेवाओं की शुरुआत या पुरानी सेवाओं का पुनः संचालन एक सतत प्रक्रिया है, जो रेलखंड की क्षमता, पथ की उपलब्धता, कोच और इंजन (चल स्टॉक), आवश्यक अवसंरचना तथा अनुरक्षण जरूरतों जैसे कई तकनीकी और परिचालन कारकों पर निर्भर करती है। इसी आधार पर त्रिवेणी एक्सप्रेस के पुनः संचालन पर निर्णय लिया जाएगा।

