समाधान का आश्वासन, 15 दिन में कार्रवाई की उम्मीद
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। उद्यान, कृषि, गन्ना एवं राजस्व विभाग के मान्यता प्राप्त संगठनों की समन्वय समिति के आह्वान पर गुरुवार को डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं के समाधान को लेकर परेड ग्राउंड से सचिवालय तक शांतिपूर्ण एवं अनुशासित कूच निकाला गया। कूच में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए कार्मिकों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग करते हुए अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
कूच से पूर्व, सचिव कृषि के निर्देश पर निदेशक उद्यान एवं कृषि विभाग ने समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की। इस दौरान समिति ने जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं को विस्तार से रखा, जिस पर विभागीय अधिकारियों ने गंभीरता से विचार करते हुए जायज मांगों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
कूच के उपरांत समन्वय समिति ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह के माध्यम से मुख्य सचिव, उत्तराखंड सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सिटी मजिस्ट्रेट ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि शीघ्र ही राजस्व परिषद स्तर पर वार्ता आयोजित कर समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस कूच का संचालन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष अरुण पांडे के मार्गदर्शन में किया गया। परिषद के पदाधिकारी—रविंद्र चौहान, हर्षदेव जोशी एवं पिंकेश रावत—की सक्रिय भूमिका रही।
समन्वय समिति के मुख्य संयोजक शुभम आर्य (अधीनस्थ कृषि सेवा संघ, उत्तराखंड) के नेतृत्व में संयोजक—अर्जुन सिंह परवाल (तकनीकी कर्मचारी संघ, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग), विजयपाल मेहता (पर्वतीय पटवारी संघ, उत्तराखंड), सुरेश चंद्र डबराल (उत्तराखंड गन्ना पर्यवेक्षक संघ) एवं दिनेश प्रसाद सेमल्टी (कृषि कर्मचारी संघ, उत्तराखंड)—तथा सह-संयोजक हीरा बल्लभ जोशी, श्याम सिंह, कृष्णपाल चौहान एवं विजय कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अतिरिक्त दिनेश घिल्डियाल (उत्तराखंड लेखपाल संघ) एवं देवेंद्र सिंह असवाल (संरक्षक, कृषि कर्मचारी संघ) सहित विभिन्न घटक संघों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की।
समन्वय समिति ने आशा व्यक्त की है कि शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए कार्मिकों की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान किया जाएगा। इसके लिए समिति ने शासन को 15 दिन का समय दिया है।

