जरूरतमंदों को राहत 212 शिकायतों पर कार्रवाई
नहर क्षति से लेकर श्रमिक न्याय तक प्रशासन सख्त
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में 212 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने अपनी कोर टीम के साथ जनसमस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध व प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। त्वरित कार्रवाई और मौके पर समाधान से जनमानस में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ।
जनदर्शन में छबीलबाग, कांवली रोड निवासी 82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग नत्थीलाल ने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि उनका पुत्र पिछले 12-13 वर्षों से लापता है और दो पोतों की जिम्मेदारी उन पर है। घर का पानी का बिल 31,657 रुपये आने पर उन्होंने राहत की गुहार लगाई। जिलाधिकारी के निर्देश पर जल संस्थान ने ब्याज की राशि 11,487 रुपये माफ करते हुए वन टाइम सेटलमेंट किया, जबकि शेष 20,170 रुपये जिला प्रशासन द्वारा राइफल फंड से जमा कराए जा रहे हैं।

विकासनगर निवासी मीना बंसल ने बताया कि उनके पुत्र की वर्ष 2023 में डिक्शन होटल में दुर्घटना के बाद मृत्यु हो गई, लेकिन कंपनी द्वारा कोई मुआवजा नहीं दिया गया। इस पर जिलाधिकारी ने सहायक श्रम आयुक्त को एफआईआर दर्ज कराने, लेबर कोर्ट में वाद दायर करने तथा दो माह के भीतर प्रकरण के निस्तारण के निर्देश दिए।
ऋषिकेश निवासी बुजुर्ग दंपति नीलम अरोड़ा और उनके पति ने पारिवारिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम कोर्ट ऋषिकेश में भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज करने के निर्देश दिए।
धर्मपुर निवासी रोशनी रावत ने आर्थिक तंगी के कारण अपनी दो पुत्रियों की शिक्षा में आ रही कठिनाइयों से अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने दोनों बच्चियों की शिक्षा “प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा” के तहत सुनिश्चित कराने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
हर्रावाला निवासी बाबूराम मौर्य ने शिकायत की कि कुछ लोगों द्वारा लघु सिंचाई विभाग की सरकारी नहर को जेसीबी से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, जिससे खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी, एसडीएम डोईवाला और लघु सिंचाई विभाग को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजीत सिंह, उप नगर आयुक्त संतोष पांडेय, उप जिलाधिकारी मुख्यालय कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, डीआरडीए निदेशक विक्रम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

