दिवंगत बड़थ्वाल की दसवीं पुण्य तिथि पर आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण का समापन
भंडारे में हजारों लोगों ने छका प्रसाद
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। उत्तरप्रदेश निर्यात निगम के अध्यक्ष व पूर्व सपा अध्यक्ष रहे दिवंगत विनोद बड़थ्वाल की दसवीं पुण्य तिथि के अवसर पर पिछले सात दिनों से उनके निज आवास लाडपुर में चली आ रही श्रीमद भागवत कथा का आज समापन हुआ।
विद्वान व्यास आचार्य राजदीप डिमरी ने राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा सुना कर कथा को विश्राम दिया । विनोद बड़थ्वाल की धर्मपत्नी श्रीमती आभा बड़थ्वाल उनके दोनों सुपुत्र वैभव व आर्यन समेत उनके सभी परिजनों ने पूर्ण आहुति में भाग लिया ।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने परिवार की ओर से कथा व्यास राजदीप डिमरी व ब्राह्मण वृंदों व सभी श्रद्धालुओं का आभार प्रकट करते हुए स्वर्गीय विनोद बड़थ्वाल स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के पक्के शिष्य थे।
विनोद बड़थ्वाल की छवि एक साहसी, विद्वान व सिद्धांतों के पक्के नेता की थी। उन्होंने कहा कि आज जिस उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती हम मना रहे हैं ।
उस राज्य का वो पहला लिखित दस्तावेज विनोद बड़थ्वाल की अध्यक्षता में गठित समिति ने ही लिखा था । और उसके सभी अंशों को कैबिनेट मंत्री रमाशंकर कौशिक समिति की रिपोर्ट का हिस्सा बनाया गया था।यही नहीं, उत्तरप्रदेश की विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा गया था।
धस्माना ने कहा कि विनोद बड़थ्वाल का पूरा राजनैतिक जीवन संघर्षों से भरा रहा लेकिन उन्होंने कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि श्री बड़थ्वाल की आध्यात्मिक चेतना बहुत जागृत थी और वे मां भगवती के व भोले नाथ के घोर उपासक थे।
उन्होंने उत्तराखंड राज्य निर्माण समिति के अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय महासचिव पद पर बखूबी काम किया।
इस अवसर पर विनोद बड़थ्वाल के सुपुत्र वैभव ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि वे और उनके छोटे भाई आर्यन अपने पिता विनोद बड़थ्वाल जी व माता श्रीमती आभा बड़थ्वाल के बताए हुए सद मार्ग पर चल कर सेवा का कार्य जारी रखेंगे।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट,डोईवाला विधायक बृज भूषण गैरोला, कैंट विधायक सविता कपूर, पिछड़ा वर्ग आयोग उपाध्यक्ष अशोक वर्मा, पूर्व सूचना आयुक्त जे पी ममगाईं ,सपा राष्ट्रीय सचिव एस एन सचान , आनंद सिंह पुंडीर, प्रदीप रावत, अशोक चंदन आदि उपस्थित रहे।

