कहा, सावधान..होशियार अभी चेता रहे हैं..सनद रहे
…तो गैंगेस्टर को नहीं तलाश कर पाई पुलिस
तीरथ के बाद जुगरान ने भी खोला मोर्चा और दी चेतावनी
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक उमेश कुमार की मौजूदगी में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा द्वारा कथित गाली-गलौज और अभद्र टिप्पणी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत के बयान के बाद डीएवी छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा नेता रविन्द्र जुगरान ने भी नाराजगी जताई है।
जुगरान ने एक पोस्ट के जरिए डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून की गरिमा और इतिहास का हवाला देते हुए सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि कॉलेज पिछले सात दशकों से उच्च शिक्षा का प्रतिष्ठित केंद्र रहा है और यहां से कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की हस्तियां निकली हैं।

पोस्ट में उन्होंने जनप्रतिनिधियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि भाषा, वक्तव्य और बयान में संसदीय मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनप्रतिनिधि सर्वप्रथम जनता के सेवक होते हैं, इसलिए उन्हें अपने आचरण और शब्दों पर संयम रखना चाहिए।
गौरतलब है कि कॉलेज में हुए इस घटनाक्रम के बाद छात्र संगठनों, पूर्व छात्र नेताओं और सामाजिक संगठनों की ओर से भी लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कई लोगों ने इस तरह के कार्यक्रमों में कलाकारों के चयन और मंच संचालन पर भी सवाल उठाए हैं।
फिलहाल, मामला बढ़ने के बाद प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
गौरतलब है कि हो हल्ला मचने के बाद दोव6 पुलिस ने सिंगर मासूम पर मुकदमा भी दर्ज किया है। लेकिन मासूम अभी तक देहरादून नहीं पहुंचे।
मासूम शर्मा ने कह कर सभी को चौंका दिया था कि एक गैंगेस्टर उनका पीछा करता हुआ दून के हयात होटल तक पहुंच गया था। इस घटना से वो टेंशन में आ गया। और मंच से गालियां दे दी।
मंच पर ही निर्दलीय विधायक ने बड़बोलापन दिखाते हुए कहा कि -‘जहां वो खड़े होते हैं,सरकार से बड़े होते हैं। और देखते हैं कौन गोली मारता है।’
अब मुख्य सवाल यह भी है कि वो कौन गैंगेस्टर था। और पुलिस ने उस गैंगेस्टर के बारे में सिंगर से पूछताछ क्यों नहीं की। क्या गैंगेस्टर की कहानी तय रणनीति के तहत तो नहीं उड़ाई गयी…

