मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की प्रगति का ब्यौरा लिया

पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कार्यों की प्रगति का लिया विस्तृत जायजा

प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप धाम को भव्य और आधुनिक बनाने पर जोर

अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश

तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता

बद्रीनाथ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चमोली स्थित बीआरओ गेस्ट हाउस में बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत  समीक्षा की।

इस अवसर पर आयोजित बैठक में पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से धाम में चल रहे निर्माण कार्यों, उनकी वर्तमान प्रगति, तकनीकी पहलुओं तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई।

बैठक के दौरान अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी (पीआईयू) योगेश मनराल ने विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति, अब तक की उपलब्धियों तथा निर्धारित समयसीमा के सापेक्ष प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के अंतर्गत अनेक महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं, जिनमें आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण, यात्री सुविधाओं का विस्तार, आवागमन व्यवस्था में सुधार तथा आधुनिक सुविधाओं का विकास शामिल है। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतीकरण को देखते हुए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत किए जा रहे सभी कार्य प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप संचालित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बद्रीनाथ धाम को एक भव्य, दिव्य, सुरक्षित और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त तीर्थस्थल के रूप में विकसित करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और उन्हें एक सुव्यवस्थित एवं सुखद अनुभव प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं तथा प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निर्माण कार्यों में उच्च मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए तकनीकी दक्षता का पूर्ण उपयोग किया जाए, ताकि कार्यों में तेजी और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हो सकें।

उन्होंने आगे निर्देश दिए कि बद्रीनाथ धाम में विकसित की जा रही सभी सुविधाओं में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यात्री आवागमन, आवास, स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए और उसका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धाम के विकास कार्यों के दौरान पारंपरिक स्वरूप, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि विकास और विरासत के बीच संतुलन बना रहे।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि मास्टर प्लान के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की बाधा या विलंब की स्थिति में त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण हो सकें और बद्रीनाथ धाम का समग्र विकास तेजी से आगे बढ़ सके।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों, अधिकारियों की प्रतिबद्धता और केंद्र सरकार के सहयोग से बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत सभी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होंगे और यह धाम भविष्य में एक आदर्श, भव्य और विश्वस्तरीय तीर्थस्थल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की समीक्षा



विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर सख्त निर्देश,
अधिकारियों को दी स्पष्ट जिम्मेदारी पूर्ण हो चुके प्रोजेक्ट्स के शीघ्र हस्तांतरण के निर्देश
व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने पर जोर
तीर्थयात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर उतरते हुए मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों का व्यापक एवं गहन स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, समयबद्धता तथा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ विभिन्न स्थलों का भ्रमण करते हुए मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कार्यों की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त करने के साथ-साथ उन्हें और अधिक प्रभावी एवं तीव्र गति से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि बद्रीनाथ धाम से जुड़े सभी विकास कार्य जिलाधिकारी की प्रत्यक्ष निगरानी में तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा कार्यों की प्रगति की समीक्षा समय-समय पर की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की देरी या बाधा को तुरंत दूर किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बीआरओ बाईपास रोड, लूप रोड, लेक, आईएसबीटी, सिविक एमिनिटी भवन, टीआईसीसी एवं अराइवल प्लाजा जैसे पूर्ण हो चुके महत्वपूर्ण कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने इन परियोजनाओं के शीघ्र हस्तांतरण हेतु अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन सुविधाओं का लाभ तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से इन सभी परियोजनाओं के संचालन एवं रखरखाव की ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिससे दीर्घकालिक रूप से इन परिसंपत्तियों की गुणवत्ता और उपयोगिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम में किए जा रहे विकास कार्यों का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त तीर्थ अनुभव प्रदान करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह भी जोर दिया कि सभी कार्यों में पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय पारिस्थितिकी का संरक्षण प्राथमिकता में रखा जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि कार्य करते समय स्वच्छता, हरित मानकों और सतत विकास के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्रीनाथ धाम की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य को अक्षुण्ण रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों और सतत निगरानी से बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित कार्य समय पर पूर्ण होंगे और आने वाले समय में यह धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक आदर्श, भव्य और सुविधासंपन्न तीर्थस्थल के रूप में स्थापित होगा।

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