दून में गर्जन के साथ भारी बारिश शुरू, रविवार की सुबह ही छाया अंधेरा
चार और मई के लिए आरेंज अलर्ट
सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम से एलर्ट का सफल परीक्षण
एसईओसी से जनपदों को जारी हुआ पत्र, सावधानी बरतने के निर्देश
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। मौसम विभाग द्वारा राज्य में संभावित खराब मौसम, आंधी-तूफान एवं आकाशीय बिजली की चेतावनी को दृष्टिगत रखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र द्वारा जनपदों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में विस्तृत पत्र जारी कर सतर्कता एवं तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
रविवार की सुबह 9.30के आसपास देहरादून में बिजली की कड़क के साथ भारी बारिश शुरू हुई। तेज हवा के साथ हुई बारिश से वाहनों के पहिये थम गए। बादलों के डेरे ने सुबह को शाम मवन तब्दील करते हुए अंधेरा कर दिया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चार व पांच मई के लिए देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत एवं ऊधम सिंह नगर जनपदों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि, तीव्र से अति तीव्र वर्षा तथा 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।
देखें वीडियो
https://youtu.be/bL2xxw0IgeE?si=2JjGXJnBgrXFuZKU
इसके अतिरिक्त दिनांक 05 मई, को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां ओलावृष्टि, तेज वर्षा एवं तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
वहीं, दिनांक 02 मई से 06 मई तक राज्य के अन्य जनपदों में येलो अलर्ट जारी करते हुए गरज-चमक, आकाशीय बिजली एवं तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की गई है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जनपदों को उच्च सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी संबंधित विभागों, जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, बीआरओ आदि को मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्राम स्तर तक अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने एवं आपदा उपकरणों तथा संसाधनों को तैयार स्थिति में रखने को कहा गया है।

इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने मोबाइल/संचार माध्यम सक्रिय रखें तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित समन्वय स्थापित करें। विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मानसून से पहले उत्तराखण्ड को बड़ी सौगात
सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम से एलर्ट का सफल परीक्षण
राज्य ने जल्द लागू किए जाने के लिए की थी पैरवी
मुख्यमंत्री ने जताया केंद्रीय गृह मंत्री का आभार, कहा-उत्तराखण्ड के लिए वरदान साबित होगी यह तकनीक
देहरादून। राष्ट्रीय स्तर पर आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शनिवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डॉट द्वारा उत्तराखण्ड सहित पूरे देश में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से सफल परीक्षण अलर्ट जारी किया गया। प्रातः 11 बजकर 46 मिनट पर यह अलर्ट संदेश प्रसारित किया गया।
उत्तराखण्ड ने लगातार इस आधुनिक तकनीक को जल्द से जल्द लागू किए जाने के लिए केंद्र सरकार एवं संबंधित एजेंसियों के समक्ष प्रभावी पैरवी की थी। इस उपलब्धि पर माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, दूरसंचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
इस सफल परीक्षण के साथ ही राज्य में आपदाओं के दौरान आम जनमानस तक त्वरित एवं लक्षित चेतावनी संदेश पहुंचाने हेतु सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ हो गया है। इस तकनीक के माध्यम से अब उत्तराखण्ड में किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में स्थित मोबाइल उपभोक्ताओं को एक साथ अलर्ट भेजे जा सकेंगे।
बता दें कि उत्तराखण्ड में आगामी मानसून सीजन से पहले ही इस तकनीक को लागू करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष अनुरोध पर इस प्रणाली का प्रथम परीक्षण भी उत्तराखण्ड में ही किया गया था।
राज्य द्वारा उस परीक्षण के आधार पर महत्वपूर्ण तकनीकी एवं व्यवहारिक फीडबैक राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डाॅट को उपलब्ध कराए गए थे।
मा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तकनीक उत्तराखण्ड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं वरदान सिद्ध होगी। विशेष रूप से चारधाम यात्रा एवं आगामी मानसून सीजन के दौरान इस प्रणाली का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों को समय रहते सटीक एवं प्रभावी चेतावनी उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर यह प्रयास किया गया कि मानसून प्रारंभ होने से पूर्व यह तकनीक राज्य को उपलब्ध हो, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति जनमानस को समय रहते सचेत किया जा सके।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने इस पहल को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग से राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक समय पर चेतावनी पहुंचाना अब संभव हो सकेगा, जिससे आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी और जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में, प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय सभी मोबाइल टावरों की सीमा में आने वाले उपभोक्ताओं को सेल ब्राडकास्टिंग तकनीक के माध्यम से स्वतः अलर्ट प्राप्त होगा।
यह प्रणाली स्थान- विशिष्ट चेतावनी प्रसारण को सक्षम बनाती है, जिससे केवल प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को ही संदेश प्राप्त होता है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यूएसडीएमए द्वारा इस तकनीक से एलर्ट भेजे जाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यूएसडीएमए के विशेषज्ञों द्वारा एनडीएमए व सी-डाॅट के दिशा-निर्देशन में प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया गया है तथा अब इस तकनीक से एलर्ट भेजे जाएंगे और इसका प्रदेश में व्यापक तौर पर उपयोग किया जाएगा।

