पुलिस गहराई से जॉच करे-गोदियाल
कांग्रेस के बड़े नेता ही धोखा खा गए-भावना
पिक्चर अभी बाकी है दोस्त..
“रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सियासत तेज, दोनों पक्षों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखे अपने-अपने तर्क”
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। राहुल गांधी का फर्जी ‘कनिष्क’ बनकर राजनीतिक और सामाजिक दायरे के लोगों से ठगी करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब यह प्रकरण सियासी रंग लेता जा रहा है। ठग गौरव कुमार की गिरफ्तारी के बाद जहां एक ओर भावना पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा, वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी अलग से मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी।
दोनों नेताओं के बयानों से यह साफ है कि मामला अब केवल आपराधिक नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बन गया है। उधर,भाजपा व आम जनता कांग्रेस से हुई ठगी के इस रोचक किस्से को नुक्कड़ -चौराहों पर नमक मिर्च लगा कर सुना रही है।
दरअसल, हाल ही में एक व्यक्ति द्वारा खुद को ‘कनिष्क’ बताकर कांग्रेस के कई नेताओं और प्रभावशाली लोगों से संपर्क कर ठगी करने का मामला सामने आया था ।
गिरफ्तार गौरव कुमार उर्फ कनिष्क ने खुद को राजनीतिक रूप से प्रभावशाली बताकर लोगों से पैसे और अन्य लाभ हासिल किए। कई नेता ठग के लपेटे में आ गए। और ठग को लाखों रुपए भी दिए।
ठग ने किस किस को ठगा । यह भी पुलिस जांच का विषय है।
शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

मंगलवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावना पांडे ने कहा कि इस पूरे प्रकरण को अनावश्यक रूप से उनके नाम से जोड़ा जा रहा है, जबकि उनका इस ठगी से कोई संबंध नहीं है।
भावना ने पत्रकारों से कहा कि न तो उन्हें टिकट चाहिए और न ही वे प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहती हैं। भावना ने कहा कि वह ठग गोदियाल, हरक सिंह,हरीश रावत, यशपाल आर्य से बात कर था था तो उन्हें भी यकीन हो गया कि वो राहुल गांधी का पीए कनिष्क ही है।
उसने सर्वे के नाम पर विधायकों को ताज होटल में टिकाने की बात कही। उसका खर्च 22 लाख था।
भावना पांडे ने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेता जब उसे पहचान नहीं पाए तो वो कैसे पहचानती। भावना पांडे ने कहा कि विधायक उमेश कुमार भी ठग के नेटवर्क में था। कांग्रेस नेता गोगी ने मेरा व सोनिया आनंद का फोन नंबर ठग को दिया।
भावना पांडे ने फिर दोहराया कि उन्होंने गोदियाल की भी आर्थिक मदद की। लेकिन गोदियाल गलत लोगों को कांग्रेस में शामिल करवा रहे हैं। इसी मुद्दे पर उनका गोदियाल से झगड़ा हुआ। और जब ठग ने दिल्ली की नाराजगी का हवाला देते हुए गोदियाल को हटाने की बात कही। तो उन्होंने प्रीतम,यशपाल आर्य आदि का नाम विकल्प के तौर पर सुझाया।
वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति द्वारा की गई ठगी नहीं, बल्कि इसके पीछे बड़े नेटवर्क की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि यदि आरोपी ने किसी राजनीतिक नाम या पहचान का इस्तेमाल किया है, तो इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। गोदियाल ने कहा कि ठग ने सभी नाम पुलिस को बताए हैं। पुलिस को उन नामों को सार्वजनिक करते हुए ठग के उद्देश्य को स्पष्ट करना चाहिए।
गोदियाल ने कहा कि ठग की उनसे भी बात हुई थी। और ठग ने कहा था कि दिल्ली वाले उनसे नाराज है। तो मैंने कहा कि अगर पार्टी की छवि खराब हो रही है तो मुझे अध्यक्ष पद से तत्काल हटा दें। बहरहाल, गोदियाल ने इसे एक बड़ी साजिश करार दिया।

दोनों नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि जहां एक ओर भावना पांडे खुद को साजिश से अलग बता रही हैं, वहीं गोदियाल इस मुद्दे को व्यापक जांच और जवाबदेही के नजरिए से उठा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यह मामला आगे किस दिशा में बढ़ती है। अब सभी की निगाहें दून पुलिस की जांच पर टिकी है।
एसएसपी डोभाल के सामने यह पता लगाना भी गम्भीर चुनौती है कि किस किस नेता ने ठग व उसकी टीम को कितने रुपए दिए। इस सनसनीखेज ठगी के मामले से स्वंय को अलग रखने के लिए कांग्रेस से जुड़ीं नेत्रियां व नेता जोड़ तोड़ में जुट गए हैं। यह भी पता चला है कि टिकट के चक्कर में कांग्रेस से जुड़े लोग घण्टों ठग कनिष्क से घण्टों बतियाते थे। यह जानकारी भी ठग ने पुलिस को दे दी है…पिक्चर अभी बाकी है दोस्त…
Pls clik
राहुल का ‘पीए’ बन एक ठग उत्तराखंड में कर गया खेला
‘आओ अपने गांव से जुड़े” अभियान के तहत हुआ सम्मान समारोह
साढ़े 8 करोड़ की लागत से किया गया हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार

