ईनामी बदमाश से पूछताछ में आया हेम भट्ट का नाम! पूछताछ के बाद छोड़ा
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अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून । वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट को शनिवार की सुबह 4 बजे पुलिस बे घर से उठा लिया। इस दौरान पुलिस हेम भट्ट को बलपूर्वक अपने साथ ले गयी। घर में पत्नी व छोटे बच्चों के सामने पत्रकार हेम भट्ट को मारपीट कर ले जाने की घटना सामने आने पर भाजपा विधायक अरविंद पांडे,बॉबी पंवार, कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने विरोध किया । पुलिस ने लम्बी पूछताछ के बाद शाम को पत्रकार हेम भट्ट को छोड़ा।
हेम भट्ट की पत्नी ने बताया कि सिर्फ एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था। जबकि अन्य सादे लिबास में थे। भट्ट की पत्नी ने बताया कि पुलिस ने उनके पति को थप्पड़ भी मारे। और हम दोनों के मोबाइल भी साथ ले गए। पुलिस के पास सर्च वारंट आदि दस्तावेज नहीं थे।
इस घटना के फैलते ही एसपी सिटी ने वीडियो बयान जारी किया औए कहा कि ईनामी बदमाश प्रदीप सकलानी ने पूछताछ में कुछ संदिग्धों में पत्रकार हेम भट्ट का नाम लिया है। इसलिए उन्हें पूछताछ के लिए उठाया है।
पुलिस का कहना है कि पत्रकार हेम भट्ट को जमीन धोखाधड़ी के आरोपी और 20 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त प्रदीप सकलानी से पूछताछ के दौरान सामने आए इनपुट्स के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया गया। वहीं दूसरी ओर पत्रकार संगठनों और कई जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाया है कि किसी पत्रकार को तड़के घर से उठाने जैसी कार्रवाई आखिर किन परिस्थितियों में की गई।
पुलिस के एसपी के अनुसार प्रदीप सकलानी वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है। उसके खिलाफ देहरादून के विभिन्न थानों में जमीन धोखाधड़ी के 26 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि दो दर्जन से ज्यादा चेक बाउंस के मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। नेहरू कॉलोनी और रायपुर थाना क्षेत्र के कई मामलों में वह वांछित चल रहा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान सकलानी ने कुछ ऐसे लोगों के नाम बताए, जिन पर कथित तौर पर उसे सहयोग देने या पुलिस कार्रवाई से बचाने के प्रयासों में शामिल होने का संदेह है। इसी क्रम में पुलिस विभिन्न लोगों से पूछताछ कर रही है और हेम भट्ट को भी इसी आधार पर तलब किया गया।
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पूछताछ के लिए ले जाने के मामले ने अब राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ही हेम भट्ट ने भाजपा विधायक अरविंद पांडे का इंटरव्यू वॉयरल किया था। इस इंटरव्यू में पांडे ने जमीन से जुड़े घपलों के मामले में सीएम को सीबीआई जॉच की सलाह दी तजि। यहॉ नहीं इशारों ही इशारों में काफी कुछ अन्य बातें भी की।
सोशल मीडिया से लेकर पत्रकार संगठनों और राजनीतिक दलों तक इस कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। पूर्व मंत्री और विधायक अरविंद पांडे ने पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी पत्रकार से पूछताछ करनी थी तो कानूनसम्मत और गरिमापूर्ण तरीके अपनाए जाने चाहिए थे। पांडे ने पुलिस को भी कड़ी चेतावनी दी। और साफ कहा कि एक दिन पूर्व उनके इंटरव्यू लिया गया था। इसके बाद ही पुलिस ने यह कार्रवाई की।

पत्रकार हेम भट्ट की पत्नी दिव्या जोशी
कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने वीडियो बयान जारी कर पुलिस के दमनात्मक रवैये की सख्त आलोचना की। और कहा कि इस पुलिस की कार्रवाई का सख्त विरोध किया जाएगा।
वहीं युवा नेता बॉबी पंवार ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारिता से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
कांग्रेस नेत्री सुजाता पॉल ने नेहरू कालोनी थाने जाकर हेम भट्ट की पत्नी दिव्या जोशी से मामले की।जानकारी ली। दिव्या ने बताया कि दोनों छोटे बच्चों के सामने उनके पति से दुर्व्यवहार किया गया।
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो और पोस्ट में हेम भट्ट की पत्नी ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने दावा किया कि देर रात पुलिस टीम घर पहुंची और परिवार को पर्याप्त जानकारी दिए बिना हेम भट्ट को अपने साथ ले गई। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक रूप से किसी अभद्रता या दबाव की बात से इनकार किया गया है।
घटना के बाद कई पत्रकारों ने सोशल मीडिया में कहा कि यदि किसी पत्रकार से पूछताछ आवश्यक हो तो पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और कानूनी दायरे में होनी चाहिए। इस तरह जबरन मुंह अंधेरे कार्रवाई करने को असंवैधानिक करार दे रहे हैं।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है तथा किसी भी व्यक्ति को केवल पूछताछ के लिए बुलाया जाना अपराध सिद्ध होना नहीं माना जा सकता।
गालीबाज गायक पर तत्काल एक्शन नहीं ले पाई थी दून पुलिस
बहरहाल, बीते महीने हरियाणा के गालीबाज गायक मासूम शर्मा को दून पुलिस ने कई नोटिस दिए। उसके बाद दो दिन पूर्व ही गायक मासूम शर्मा ने अपने बयान दर्ज कराए। गौरतलब है कि डीएवी कॉलेज के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मासूम शर्मा ने निर्दलीय विधायक के साथ मंच शेयर करते हुए जमकर गाली गलौज की थी। मासूम शर्मा पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दून पुलिस स्वंय हरियाणा नहीं गयी। बल्कि मासूम शर्मा के देहरादून आने का इंतजार किया।
लेकिन इधऱ,पत्रकार हेम भट्ट को तड़के घर से जबरदस्ती उठा लेने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। चुनावी साल में पुलिस के इस एक्शन को लेकर भी कई लोग गहरे आश्चर्य जता रहे हैं। सोशल मीडिया में यूज़र्स कह रहे हैं कि सीएम धामी व डीजी सूचना बंशीधर तिवारी तो हरेक पत्रकार के सुख दुख में शामिल होते हैं। फिर पुलिस ने ऐसा कदम क्यों उठाया? दो महीने पहले भी हेम भट्ट से सड़क पर हुए हमले का मामला भी सुर्खियों में रहा था। उक्त घटना में दो आरोपी गिरफ्तार भी किए गए थे।
बहरहाल, पत्रकार हेम भट्ट से पुलिस ने लम्बी पूछताछ के बाद छोड़ दिया।



