उच्च शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास से बनेगा आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित “विकसित भारत 2047 : ट्रांसफॉर्मेटिव रोल ऑफ हायर एजुकेशन” विषयक अकादमिक कॉन्क्लेव में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना अब केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प बन चुका है।
उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि है, जबकि उत्तराखंड ज्ञान और अध्यात्म का अद्भुत संगम है, जो राष्ट्र निर्माण की दिशा में विशेष प्रेरणा देता है।
कॉन्क्लेव में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई। नितिन नबीन ने कहा कि भारत को कभी “सोने की चिड़िया” कहा जाता था, लेकिन लंबे समय तक देश ने गरीबी और पिछड़ेपन का सामना किया। आज “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियानों ने भारत को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की नई ऊर्जा दी है।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने दुनिया के सामने भारत की क्षमता का परिचय दिया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में भारत केवल मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक विनिर्माण और तकनीकी शक्ति के रूप में उभर रहा है। सेमीकंडक्टर उद्योग, स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है।
नितिन नबीन ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देकर ही विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने जेन-ज़ी पीढ़ी को नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का आह्वान किया। साथ ही महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, डिजिटल क्रांति को गति देने और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने को विकसित भारत की बुनियादी शर्त बताया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और विकसित भारत का सपना प्रत्येक भारतीय का सपना बन चुका है। उन्होंने कहा कि शिक्षा अब केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती। कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार, बहुविषयक शिक्षा और इन्क्यूबेशन सेंटरों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक आवश्यकताओं के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य कर रही है। राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्यमिता, स्टार्टअप और रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा दे रही है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ गरीबी मुक्त, मजबूत आधारभूत संरचना वाला, उच्च शिक्षा में अग्रणी और नवाचार में विश्व का नेतृत्व करने वाला भारत है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, जैविक कृषि और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में उत्तराखंड के पास अपार संभावनाएं हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
कॉन्क्लेव में आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. त्रिप्ता ठाकुर और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह सहित अनेक शिक्षाविदों ने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में नवाचार, अनुसंधान और तकनीक आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में शिवालिक समूह के चेयरमैन सुनील कुमार, वाइस चेयरमैन अजय कुमार, विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, डॉ. दुर्गेश पंत, प्रो. सुरेखा डंगवाल, सुरेंद्र मित्तल, कुसुम कंडवाल, विश्वास डावर, मीता सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।



