रुद्रपुर से दो गिरफ्तार, अवैध हथियार, कारतूस और फर्जी लाइसेंस बरामद
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का अभियान लगातार तेज हो रहा है। मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में चल रही कार्रवाई के तहत एसटीएफ ने देर रात रुद्रपुर क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन अवैध हथियार, आठ कारतूस और दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए हैं।
एसटीएफ द्वारा पूर्व में काशीपुर कोतवाली में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों से संबंधित मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी मामले की विवेचना के दौरान 10 जून की रात एसटीएफ और ऊधमसिंह नगर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर काशीपुर क्षेत्र से एक स्विफ्ट कार में रखे चार अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद किए थे। जांच में इन हथियारों और फर्जी लाइसेंसों का संबंध सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल तथा दीप्ति अग्रवाल से जुड़ा पाया गया।
मुख्य आरोपी सौरभ अग्रवाल की तलाश में जुटी एसटीएफ टीम को 11 जून की रात रुद्रपुर क्षेत्र में उसके होने की सूचना मिली। इसके बाद कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने सौरभ अग्रवाल निवासी काशीपुर और उसके चालक अमित पाल निवासी कटोराताल, काशीपुर को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक 12 बोर पम्प एक्शन गन, एक .30 बोर ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .32 बोर ऑटोमैटिक पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस और दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए। इसके अलावा पहले बरामद की गई स्विफ्ट कार की चाबी भी आरोपियों से बरामद हुई।
एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 10 जून को बरामद स्विफ्ट कार को चालक अमित पाल ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से काशीपुर की एक पार्किंग में खड़ा कर दिया था। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता के संकेत भी मिले हैं, जिनके संबंध में जांच और कार्रवाई जारी है।
उन्होंने बताया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं तथा सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। एसटीएफ अब तक 12 अवैध हथियार, 315 कारतूस और कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद कर चुकी है।
एसटीएफ ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस या एसटीएफ को सूचित करें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।



