पदाधिकारियों ने ली शपथ
नशा मुक्ति, ऑटिज्म जागरूकता और बाल विकास कार्यक्रमों पर रहेगा विशेष फोकस
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद की नव निर्वाचित कार्यकारिणी (वर्ष 2026-29) का शपथ ग्रहण समारोह बाल भवन, तरला आमवाला में आयोजित किया गया।
समारोह में परिषद के पूर्व पदाधिकारियों, संस्थापक सदस्यों और नव निर्वाचित कार्यकारिणी के सदस्यों ने भाग लेते हुए बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों और भावी योजनाओं पर विचार साझा किए।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। निवर्तमान महासचिव पुष्पा मानस ने पूर्व कार्यकारिणी के सदस्यों को अपने अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया।
निवर्तमान वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश बाबला ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परिषद को अन्य राज्यों की तरह सरकार से आर्थिक सहयोग प्राप्त करने के प्रयास करने चाहिए, जिससे जरूरतमंद बच्चों तक अधिक सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
निवर्तमान उपाध्यक्ष मधु बेरी ने कहा कि बाल कल्याण के कार्यक्रम निरंतर चलते रहने चाहिए।
उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक कार्य करते रहने का संदेश देते हुए कहा कि कमल की तरह कठिन परिस्थितियों में भी खिलना सीखना चाहिए।
निवर्तमान महासचिव पुष्पा मानस ने परिषद की स्थापना और बाल भवन के निर्माण में संस्थापक सदस्यों के योगदान को याद करते हुए कहा कि परिषद के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए मानव संसाधनों को जोड़कर विशेष प्रयास करने होंगे।
उन्होंने बाल भवन की मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
निवर्तमान कोषाध्यक्ष आशा श्रीवास्तव ने कहा कि परिषद की संस्थापक सदस्य होने पर उन्हें गर्व है और वे भविष्य में भी परिषद के लिए कार्य करती रहेंगी। निवर्तमान संयुक्त सचिव कमलेश्वर भट्ट ने बताया कि वर्ष 2011 से वे परिषद को शिक्षण और सामाजिक सेवाएं दे रहे हैं तथा आगे भी आवश्यकता पड़ने पर अपना योगदान देते रहेंगे।
इस अवसर पर पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश बाबला ने नव निर्वाचित वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. एस. फारुख, उपाध्यक्ष पुष्पा मानस, उपाध्यक्ष मोहन सिंह खत्री, महासचिव आशा रानी पैन्यूली, कोषाध्यक्ष रोहित कोचगवे तथा संयुक्त सचिव ज्योत्सना खत्री को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

महासचिव आशा रानी पैन्यूली ने परिषद के पूर्व पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका सहयोग परिषद को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगा।
उन्होंने बताया कि ज्योत्सना खत्री द्वारा तैयार नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का प्रस्ताव समाज कल्याण विभाग को भेजा गया है। इसके अलावा ऑटिज्म जागरूकता कार्यक्रम का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग तथा पौधारोपण कार्यक्रम का प्रस्ताव वन अनुसंधान संस्थान को भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के कारण मई माह में प्रस्तावित ‘मिलकर रहना सीखो’ शिविर आयोजित नहीं किया जा सका, जिसे अब अक्टूबर माह में आयोजित करने की योजना है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन सिंह खत्री ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह का उद्देश्य पूर्व और वर्तमान कार्यकारिणी के सदस्यों को एक मंच पर लाकर अनुभवों का आदान-प्रदान करना है, जिससे परिषद की गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जा सके।
कार्यक्रम का संचालन ज्योत्सना खत्री ने किया। आशा रानी पैन्यूली ने अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।



