18 वर्ष से कम आयु में नौकरी पाने के आरोपों पर कार्रवाई के निर्देश
जांच में शिकायत के तथ्यों की हुई पुष्टि
41 साल पुराने नियुक्ति विवाद ने फिर पकड़ा तूल
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून/पौड़ी। उत्तराखण्ड के शिक्षा विभाग में चार दशक पुराना एक नियुक्ति विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कोटद्वार क्षेत्र के एक प्रधानाध्यापक की नियुक्ति को लेकर हुई विभागीय जांच में यह तथ्य सामने आया है कि उनकी प्रारंभिक नियुक्ति के समय आयु 18 वर्ष से कम थी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल को उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-2003 के तहत आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले ने शिक्षा विभाग में उस दौर की नियुक्तियों की पारदर्शिता और वैधता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड के अपर निदेशक द्वारा जारी पत्र के अनुसार, दुगड्डा विकासखंड के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय बालक नगर क्षेत्र, कोटद्वार में कार्यरत प्रधानाध्यापक नफीस अहमद के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी कि उनकी नियुक्ति निर्धारित न्यूनतम आयु 18 वर्ष पूर्ण होने से पूर्व कर दी गई थी।
शिकायत की जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा), पौड़ी गढ़वाल द्वारा उप शिक्षा अधिकारी, दुगड्डा से आख्या मांगी गई। विभागीय अभिलेखों की जांच में पाया गया कि नफीस अहमद की जन्मतिथि 8 अगस्त 1967 दर्ज है, जबकि उन्होंने 29 मार्च 1985 को सहायक अध्यापक (उर्दू) पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। इस प्रकार नियुक्ति के समय उनकी आयु 17 वर्ष 7 माह 11 दिन थी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर निदेशालय ने माना कि शिकायत में उठाया गया तथ्य सही पाया गया है। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि प्रकरण में उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
“अविकल उत्तराखण्ड’ ने उजागर की थी गड़बड़ी
यह मामला पहली बार नहीं उभरा है। “अविकल उत्तराखण्ड’ ने कुछ समय पूर्व इस नियुक्ति विवाद को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उस समय शिकायतकर्ता व कोटद्वार के पार्षद विपिन डोबरियाल ने दावा किया था कि तत्कालीन नियुक्ति प्रक्रिया में आयु संबंधी नियमों की अनदेखी की गई थी और संबंधित शिक्षक को बालिग होने से पहले सरकारी सेवा में नियुक्त कर दिया गया।
शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर पत्राचार शुरू हुआ और मामले की जांच विभिन्न स्तरों पर चली। लंबे समय तक फाइलों में दबे रहने के बाद अब निदेशालय स्तर से जारी पत्र ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।
खास बात यह है कि जिस नियुक्ति को लेकर विवाद है, वह वर्ष 1985 की है और संबंधित शिक्षक वर्तमान में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि चार दशक पुराने इस प्रकरण में विभागीय कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है और इसका सेवा संबंधी प्रभाव क्या पड़ता है।

पेषक,निदेशक,
प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड,
सेवा में,
ननूरखेडा, देहरादून।
जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारम्भिक शिक्षा पौड़ी गढ़वाल।
विषयः-श्री नफीस अहमद, प्रधानाध्यापक, रा० उ० प्रा०वि० बालक नगर क्षेत्र कोटद्वार, विकास खण्ड दुगड्डा, जनपद पौड़ी गढ़वाल के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक अपने पत्र संख्याः 04 बे०स्था० / 16967 / शिकायती प्रकरण /2025-26 दिनांकः 09 मार्च, 2026 द्वारा अवगत कराया गया है कि शिकायतकर्ता श्री विपिन डोबरियाल, पार्षद वार्ड नं0-11, कोटद्वार, जनपद पौड़ी गढ़वाल द्वारा श्री नफीस अहमद, प्रधानाध्यापक, रा०उ०प्रा०वि० बालक नगर क्षेत्र कोटद्वार, विकास खण्ड दुगड्डा, जनपद पौड़ी गढ़वाल की नियुक्ति 18 वर्ष आयु पूर्ण होने से पूर्व (17 वर्ष, 07 माह 11 दिन) होने के सम्बन्ध में की गयी शिकायत के क्रम में जिला शिक्षा अधिकारी, प्रा.शि., पौड़ी गढ़वाल के कार्यालय पत्र संख्याः 15776 दिनांकः 02 फरवरी, 2026 द्वारा प्रश्नगत प्रकरण की जांच कर आख्या उपलब्ध कराये जाने हेतु उप शिक्षा अधिकारी, दुगड्डा, जनपद पौड़ी गढ़वाल निर्देश दिये गये। जिसके क्रम में उप शिक्षा अधिकारी, दुगड्डा, जनपद पौड़ी गढ़वाल द्वारा प्रकरण के सम्बन्ध में अवगत कराया गया है कि, श्री नफीस अहमद वर्तमान में रा०उ०प्रा०वि० बालक नगर, क्षेत्र कोटद्वार, जनपद पौड़ी गढ़वाल में प्रधानाध्यापक के पद पर दिनांकः 05.05.2008 से कार्यरत् है, सम्बंधित प्रधानाध्यापक की नियुक्ति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल के अनुमोदन दिनांकः 13.03.1985 के आधार पर सहायक अध्यापक उर्दू वेतनक्रम रू० 335/- नियत मासिक वेतन (अप्रशिक्षित वेतनमान) में हुयी, जिसके क्रम में सम्बन्धित द्वारा दिनांकः 29 मार्च, 1985 को सहायक अध्यापक उर्दू पद पर कार्यभार ग्रहण किया गया है। विभागीय अभिलेखों में सम्बन्धित की जन्मतिथि 08 अगस्त, 1985 अंकित है। नियुक्ति के समय सम्बन्धित अध्यापक की आयु 17 वर्ष 07 माह 11 दिन है। उक्त के क्रम में आपके द्वारा प्रकरण का निस्तारण किये जाने हेतु उचित दिशा-निर्देश प्रदान किये जाने का अनुरोध किया गया है।
सूच्य है कि, जनपद स्तर पर प्रारम्भिक शिक्षा के अन्र्तगत अध्यापकों के नियुक्ति अधिकारी / दण्डाधिकारी सम्बन्धित जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारम्भिक शिक्षा होते है।
अतः प्रश्नगत प्रकरण के सम्बन्ध में उप शिक्षा अधिकारी, दुगड्डा, जनपद पौड़ी गढ़वाल द्वारा आपको प्रेषित आख्या के क्रम में प्रकरण पर उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 2003 में निहित सुसंगत प्रावधानों के अनुसार आवश्यक अग्रेत्तर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
भवदीय
(के०एस०रावत
अपर निदेशक
प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड।
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उमरिया 18 से कम और मिल गयी सरकारी नौकरी



