डिजिटल कैटेलिस्ट प्रोग्राम 2026 का शुभारंभ
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। उत्तराखंड के सुदूर पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों के 13 जिलों से चुने गए 60 मेधावी विद्यार्थी एक ऐसी यात्रा पर निकल पड़े हैं, जो उनके भविष्य की दिशा बदल सकती है। कल्पवृक्ष सस्टेनेबल डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा UPES-CSR के संस्थागत सहयोग एवं Efiwe Al India Pvt. Ltd. के तकनीकी सहयोग से आयोजित डिजिटल कैटेलिस्ट प्रोग्राम 2026 का शुभारंभ UPES, देहरादून में प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के 13 जिलों से चयनित 60 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। आगामी दिनों में विद्यार्थी AI literacy, digital skills, computational thinking, design thinking, responsible use of Al, communication और social-startup thinking जैसे भविष्य-निर्णायक कौशल सीखेंगे।
कार्यक्रम की विशेषता यह है कि यहां सीखना केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि पूरी तरह व्यावहारिक और परियोजना-आधारित होगा। टीमों में बंटे विद्यार्थी अपने-अपने गांव, कस्बे या समुदाय की वास्तविक समस्याओं की पहचान करेंगे, उन्हें गहराई से समझेंगे और उनके समाधान के लिए सरल AI-सहायित डिजिटल प्रोटोटाइप तैयार करेंगे।

“यह सिर्फ टेक्नोलॉजी सीखने का अवसर नहीं-” अभिनव नेगी
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ कल्पवृक्ष सस्टेनेबल डेवलपमेंट सोसाइटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष अभिनव नेगी ने DCP 2026 की भूमिका, उद्देश्य और यात्रा का परिचय देकर किया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल AI या टेक्नोलॉजी सीखने भर का मंच नहीं है, बल्कि अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानने, समाज की असली समस्याओं को समझने और तकनीक का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करते हुए समाधान बनाने की एक संपूर्ण यात्रा है।
उन्होंने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास भरते हुए कहा कि शुरुआती स्तर कुछ भी हो सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ आत्मविश्वास के साथ हर विद्यार्थी AI-युग का सक्षम और जिम्मेदार लर्नर बन सकता है।
पिछले बैच के विद्यार्थी से इस साल के ट्रेनर तक अनंत बडोनी की प्रेरक यात्रा
इस अवसर पर DCP 2025 के पूर्व प्रतिभागी अनंत बडोनी, जो इस वर्ष कार्यक्रम में ट्रेनर के रूप में जुड़े हैं, ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह बीते वर्ष का DCP उनके लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव साबित हुआ एक ऐसा अनुभव जिसने उनकी सोच और दिशा दोनों बदल दी। उन्होंने नए बैच के विद्यार्थियों को पूरे मन से सीखने, बेझिझक सवाल पूछने, टीम भावना के साथ काम करने और इस दुर्लभअवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
UPES का साथ उच्च शिक्षा और स्कॉलरशिप तक मार्गदर्शन
UPES के Department of Extension and Outreach Activities से जुड़े दानिश नज़र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इस अवसर के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने छात्रों से अनुशासन, कृतज्ञता और उत्साह के साथ कार्यक्रम में पूरी तरह भाग लेने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने UPES, देहरादून में उपलब्ध उच्च शिक्षा के अवसरों, प्रवेश प्रक्रिया और छात्रवृत्ति अवसरों की जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों को अपने आगे के करियर को लेकर एक सकारात्मक और व्यापक दृष्टिकोण मिला।
“कल्पवृक्ष की स्थापना केवल एक संस्था बनाने के लिए नहीं हुई” – डॉ. सचिन चौधरी
कल्पवृक्ष सस्टेनेबल डेवलपमेंट सोसाइटी के उ के उपाध्यक्ष एवं Reagvis Labs के Founder & CEO डॉ. सचिन चौधरी का संबोधन कार्यक्रम का एक भावुक पड़ाव रहा। उन्होंने संस्था की यात्रा, शुरुआती दिनों के संघर्षों और टीम के सामूहिक प्रयासों को याद करते हुए कहा कि कल्पवृक्ष की स्थापना केवल एक संगठन खड़ा करने के इरादे से नहीं हुई थी, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं के लिए कुछ सार्थक, दीर्घकालिक और परिवर्तनकारी निर्माण करने के सपन से हुई थी।
उन्होंने संस्था से जुड़े हर सदस्य, स्वयंसेवक और सहयोगी के योगदान को सराहा और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और डिजिटल निर्माण की चेतना को मजबूती से जगाते हैं।
अपने संबोधन के दौरान डॉ. चौधरी ने UPES PES के Department of Computer Science की डॉ. खुशब जैन को विशेष रूप से आमंत्रित किया और कल्पवृक्ष तथा DCP के प्रति उनके निःस्वार्थ सहयोग और सौच की सराहना की। डॉ. खुशबू जैन ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को तकनीक, mentorship और वास्तविक जीवन की समस्या समाधान प्रक्रिया से जोड़कर गहरा और दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर कल्पवृक्ष मेंटर एवं MSc Health Psychology student, University College London, पल्लवी बिष्ट ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने UPES, अतिथियों, विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों, mentors, volunteers और कल्पवृक्ष टीम की और से सभी सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कल्पवृक्ष सस्टेनेबल डेवलपमेंट सोसाइटी के प्रदीप नेगी (महासचिव), देव उपाध्याय (कार्यकारिणी सदस्य), कन्हैया पांडेय (ट्रेनर), तरुष, नुपुर, कशिश, कुलप्रीत, विशाल, नंदिका, आभाष और अमित सहित DCP 2026 की व्यापक टीम उपस्थित रही।
कार्यक्रम का मूल लक्ष्य – सीखने से समाधान तक
डिजिटल कैटेलिस्ट प्रोग्राम 2026 का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को यह व्यावहारिक अनुभव देना है कि वे कंप्यूटर का आत्मविश्वास से उपयोग कर सकें, AI से सार्थक प्रश्न पूछ सकें, AI के उत्तरों की स्वयं जांच-परख कर सकें, किसी जटिल समस्या को छोटे-छोटे समझने योग्य चरणों में बांट सकें, लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं को पहचान सकें, एक स्पष्ट डिजिटल संदेश बना सकें, एक सरल डिजिटल प्रोटोटाइप विकसित कर सकें – और अंत में उसे आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत कर सकें।
आगामी दिनों में विद्यार्थी AI safety, basic digital literacy, prompt writing, computational thinking, design thinking, Canva-based communication, beginner-friendly vibe coding, social startup design और prototype development जैसे विषयों पर केंद्रित सत्रों में भाग लेंगे।
कार्यक्रम के अंतिम दिन आयोजित समापन समारोह में विद्यार्थी अपनी टीमों द्वारा विकसित AI-सहायित डिजिटल प्रोटोटाइप प्रस्तुत करेंगे, जहां उनकी सीख, मेहनत और टीमवर्क सबके सामने आएगा।



