हरीश के कमांडर ने ‘समावेशी नेतृत्व’ पर दागे गोले
परिवर्तन संकल्प सम्मेलन में हरदा की उपेक्षा से उठा बवंडर
अविकल थपलियाल
देहरादून। बिखरा रायता उठा बवंडर। कांग्रेस पार्टी 28 जून से दस पर्वतीय जिलों में होने वाले परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के चुनावी बिगुल फूंकने जा रही है। गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, हरक सिंह और करण माहरा को इन दस जिलों की कमान सौंपी गई है। और इन दस जिलों को चार ज़ोन में बांटकर कार्यक्रम तय किये गए हैं।
कांग्रेस के इस परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के शुरू होने से पहले ही पूर्व कांग्रेसी सांसद ने बमगोले दागने शुरू कर दिए। पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने सोशल मीडिया में लिखा है, क्या यह समावेशी नेतृत्व की ओर इंगित करता है। टम्टा ने 28 जून से शुरू होने जा रहे सम्मेलन के पोस्टर को भी चस्पा किया है।

इस पोस्टर में गोदियाल, प्रीतम, हरक और करण की फ़ोटो लगी है। और ये चारों नेता दस जिलों में कहां कहां मौजूद रहेंगे। इसका भी वर्णन किया गया है।
दरअसल, परिवर्तन संकल्प सम्मेलन का खाका एक हफ्ते पहले खींचा गया था। पर्वतीय जिलों में हो रहे इन सम्मेलनों के लिए आधिकारिक तौर पर पूर्व सीएम हरीश रावत व नेता विपक्ष यशपाल आर्य की ड्यूटी नहीं लगाई गई। जबकि इन चारों नेताओं के साथ पार्टी के विधायक व पूर्व विधायकों की ड्यूटी लगाई गई है।
हर विधानसभा में कार्यकर्ता सम्मेलन के साथ साथ जनसभा का भी आयोजन होगा। कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित किया जाएगा और भाजपा को कोसा जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने बताया कि दो वरिष्ठ नेता हरीश रावत एवं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य किसी भी जोन के किसी भी विधानसभा में सम्मिलित हो सकते हैं।
यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्य के दो मैदानी जिले यूएसनगर व हरिद्वार के परिवर्तन संकल्प सम्मेलनों की कमान हरीश रावत व आर्य को सौंपी जाएगी। हालांकि, मैदानी क्षेत्र के सम्मेलनों की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
रविवार, 28 जून के इन बड़े चुनावी आयोजन से ठीक पहले पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने सम्मेलन के चारों मुखिया पर सवाल उठा दिए। हरीश रावत के करीबी नेता टम्टा ने अपनी पोस्ट में एक पंक्ति से ज्यादा कुछ नहीं लिखा। लेकिन हरीश रावत की उपेक्षा की ओर अवश्य इशारा कर दिया।
टम्टा का समावेशी नेतृत्व पर उंगली उठाने से हाशिये पर खड़े हरीश रावत गुट की नाराजगी साफ झलकने लगी है। पार्टी प्रभारी शैलजा के हालिया दून दौरे के समय भी हरीश रावत नजर नहीं आये। उस समय हरीश की मौजूदगी दिल्ली में बताई गई थी। उस समय यह भी नाराजगी से जोड़ा गया था।
बहरहाल, भाजपा को जीत की हैट्रिक रोकने के लिए करो या मरो की स्थिति में खड़ी कांग्रेस के लिए हरीश समर्थकों की खुली नाराजगी बड़ा संकट बन सकती है। चुनावी टीम से पहले ही दरकिनार किये गए हरीश रावत अपने राजनीतिक यात्रा के बेहद दुर्गम पड़ाव पर खड़े हैं। कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा हरीश रावत को चुनाव की मुख्य धारा में लाने की सख्त मुखालफत में जुटा है। और कामयाब भी हो रहा है। कांग्रेस की सार्वजनिक हो रही यह गुटबाजी 2027 फतह पर गम्भीर सवालिया निशान भी लगा रही है।
गौरतलब है कि 2002 में नारायण दत्त तिवारी और 2012 में विजय बहुगुणा के मुख्यमंत्री बनने से नाराज हरीश रावत के इन्हीं मारक समर्थकों ने आसमान सिर पर उठा कर केंद्रीय नेतृत्व को चिंता में डाल दिया था। एक बार फिर हरीश की इसी जंगजू फौज के कमांडरों ने गोले दागने शुरू कर दिए हैं…अल्लाह जाने क्या होगा आगे…

परिवर्तन संकल्प सम्मेलन को चार जोन में बांट कर दी जिम्मेदारी
परिवर्तन संकल्प सम्मेलन को चार ज़ोन में बांटा गया है। जोन एक के प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ विधायक मयूख महर,हरीश धामी, खुशाल सिंह अधिकारी शामिल हैं ।
जोन एक में कार्यक्रम की शुरुवात 28 जून से होगी जो 2 जुलाई तक चलेगा।
इसके तहत विधानसभा चम्पावत, लोहाघाट, पिथौरागढ़, डीडीहाट,धारचूला,गंगोलीहाट, बागेश्वर, कपकोट आदि शामिल है।
जोन दो के प्रभारी चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत के साथ सुरेंद्र सिंह नेगी, शूरवीर सिंह सजवान, विधायक लखपत सिंह बुटोला, पूर्व विधायक जीत राम एवं मनोज रावत शामिल है।
जोन दो का कार्यक्रम 28 जून से शुरू होकर 7 जुलाई तक चलेगा। इसके अंतर्गत यमकेश्वर, कोटद्वार, लैंसडाउन, चौबट्टाखाल,श्रीनगर,पौड़ी, रुद्रप्रयाग केदारनाथ बद्रीनाथ थराली कर्णप्रयाग शामिल है।
तीसरे जोन के प्रभारी चुनाव अभियान समिति के प्रीतम सिंह के साथ उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी विधायक विक्रम सिंह नेगी शामिल हैं। जोन 3 की शुरुवात 28 जून से शुरू होकर 7 जुलाई को समाप्त होगा ।
इसके तहत पुरोला,यमुनोत्री,गंगोत्री,प्रतापनगर,घनसाली,टिहरी,नरेन्द्रनगर,देवप्रयाग एवं धनौल्टी शामिल हैं। जोन चार के प्रभारी पूर्व अध्यक्ष करन माहरा के साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल,विधायक मनोज तिवारी,मदन बिष्ट,सुमित हृयदेश शामिल हैं।
जोन चार का कार्यक्रम 29 जून से शुरू होकर 9 जुलाई तक चलेगा । इसके तहत हल्द्वानी,लालकुआं,कालाढ़ूँगी भीमताल,नैनीताल,रामनगर,जागेश्वर, अल्मोड़ा,सोमेश्वर,द्वाराहाट,रानीखेत, सल्ट शामिल हैं।
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