बारिश के बीच SDRF का राहत अभियान तेज
अविकल उत्तराखंड
देहरादून/हरिद्वार। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) राहत एवं बचाव कार्यों में लगातार सक्रिय है। पिछले दो दिनों में SDRF ने दो अलग-अलग अभियानों में सात लोगों की जान बचाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। इनमें देहरादून के लक्ष्मण सिद्ध क्षेत्र के घने जंगल में रास्ता भटक गई पांच महिलाएं तथा हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में जलभराव के बीच फंसे पिता-पुत्र शामिल हैं।
बीते 7 जुलाई की शाम डीसीआर देहरादून और चौकी हर्रावाला से सूचना मिली कि लक्ष्मण सिद्ध मंदिर के निकट घने जंगल में पांच महिलाएं रास्ता भटक गई हैं और स्वयं बाहर निकलने में असमर्थ हैं।

सूचना मिलते ही मुख्य आरक्षी शैलेंद्र रावत के नेतृत्व में SDRF की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय पुलिस और वन विभाग के साथ संयुक्त रूप से सर्च अभियान शुरू किया गया। घने जंगल, दुर्गम भू-भाग और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच टीम ने लगभग 12 किलोमीटर पैदल तलाश अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद सभी महिलाओं को सकुशल खोजकर जंगल से बाहर निकाला गया और सुरक्षित चौकी हर्रावाला पुलिस के सुपुर्द किया गया।
वहीं गुरुवार को रुड़की कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि लक्सर के बसेड़ी गांव में एक निर्माणाधीन मकान के चारों ओर जलभराव होने से दो व्यक्ति रातभर फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही SDRF की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और सुरक्षित अभियान चलाकर दोनों को बाहर निकाल लिया।

पूछताछ में पता चला कि रेस्क्यू किए गए दोनों व्यक्ति पिता-पुत्र हैं। 60 वर्षीय श्री राम और उनके 40 वर्षीय पुत्र संजय निर्माणाधीन मकान में कार्य कर रहे थे। अचानक जलस्तर बढ़ने से दोनों पूरी रात वहीं फंसे रहे। SDRF की त्वरित और कुशल कार्रवाई से दोनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
लगातार हो रही वर्षा और आपदा जैसी परिस्थितियों के बीच SDRF की तत्परता ने एक बार फिर साबित किया है कि संकट की घड़ी में बल की त्वरित प्रतिक्रिया लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।



