”छात्रों की गूंज’ कांग्रेस का राजनीतिक ड्रामा- भाजपा
स्थान कोई भी हो, संवाद में क्या दिक्कत है? कांग्रेस का मकसद केवल सुर्खियां बटोरना: भट्ट
राहुल गांधी का दौरा प्रोमोशनल इवेंट, जहाँ प्रतिभागी, सवाल और जवाब सब पहले से तय – भट्ट
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। भाजपा ने देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर खड़े किए जा रहे स्थल विवाद पर पलटवार किया है।
भाजपा ने इसे कांग्रेस की पुरानी और घिसी-पिटी राजनीतिक चाल करार देते हुए कहा कि कांग्रेस का मकसद छात्रों से संवाद करना नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक ड्रामा खड़ा करना है।
मीडिया द्वारा इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, अगर मंशा साफ हो और मकसद छात्रों से सच में संवाद करना हे हो, तो स्थान कोई भी हो, दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जबकि सच तो यह है कि खुद कांग्रेस भी भली-भांति जानती है कि यह पूरा कार्यक्रम सिर्फ एक राजनीतिक पाखंड है, जिसका छात्रों के सरोकारों से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने इस मुद्दे पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने के कांग्रेसी छात्र विरोधी रवैए का जिक्र करते हुए कहा कि नीट परीक्षा से ठीक दो दिन पहले जयपुर में ऐसा ही एक शो आयोजित किया गया, जिससे परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों का बेहद कीमती समय बर्बाद हुआ। जिसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैली परीक्षा के दिन ही परीक्षा केंद्र के ठीक पास आयोजित की गई।
इस गैर-जिम्मेदाराना कदम के कारण भारी जाम और अव्यवस्था फैली, जिसके चलते कई मासूम बच्चे परीक्षा देने से वंचित रह गए। पटना के छात्र तो राहुल गांधी का इंतजार करते रह गए, लेकिन उनकी विदेशों में चल रही ‘गुमनाम समर हॉलिडे’ खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी और उसे आगे बढ़ा दिया गया।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उत्तराखंड के छात्रों को राहुल गांधी की नीयत और क्षमता पर भरोसा ही नही है। स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व को भी अंदरूनी तौर पर इस बात का पूरा अहसास है कि राज्य के जागरूक युवाओं में न तो राहुल गांधी से संवाद करने की कोई इच्छा है और न ही उन्हें राहुल की नीयत, क्षमता और योग्यता पर कोई भरोसा है। यही कारण है कि यह कार्यक्रम एक प्रायोजित ‘इवेंट’ की तरह होने जा रहा है इस शो में सबकुछ पहले से स्क्रिप्टेड है, प्रतिभागी पहले से फिक्स हैं, पूछे जाने वाले सवाल पहले से तय हैं, विदेश से नई क्लास लेकर आए राहुल गांधी के जवाब भी पहले से ही रटे-रटाए मिलने वाले है ।
वहीं कार्यक्रम स्थल को लेकर विवाद पैदा करने को उन्होंने ने कांग्रेस की पुरानी रणनीति का हिस्सा बताया है। कहा, इससे पहले भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के दौरान जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया था, जबकि उनकी तैयारी पहले से किसी अन्य स्थल पर जाने की थी। इस बार भी कांग्रेस सहानुभूति और मीडिया कवरेज बटोरने के लिए इसी नाटक को दोहरा रही है।
उन्होंने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि उनकी हांडी सिर्फ काठ की ही नहीं, बल्कि कच्ची मिट्टी की है। यह कमजोर और खोखली हांडी न तो पहले कभी चूल्हे पर चढ़ पाई थी और न ही अब उत्तराखंड की जागरूक जनता के चूल्हे पर चढ़ने वाली है। जनता इनके इस पाखंड को पूरी तरह समझ चुकी है।



