उत्तराखण्ड में 600 अवैध ढांचों को हटाया गया – धामी

दस हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया-सीएम

अवैध कब्जों पर सख्ती, शिक्षा सुधार और विकास योजनाओं से उत्तराखंड को नई दिशा

अविकल उत्तराखण्ड

नई दिल्ली । मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम में
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक समरसता और विधिसम्मत शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है।
सरकारी भूमि पर सुनियोजित रूप से किए गए अवैध कब्जों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है।
शिक्षा के क्षेत्र में लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जुलाई 2026 के बाद वही मदरसे संचालित हो सकेंगे, जो राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का पालन करेंगे।
गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब तक 250 से अधिक नियमविरुद्ध मदरसों को बंद किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी समुदाय को लक्षित करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल मतदाता सूची नहीं, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करना है।
आयुष्मान योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अनुमान से अधिक व्यय सामने आने के कारण सत्यापन आवश्यक हो गया है। राशन कार्ड, आधार और वोटर कार्ड के सत्यापन की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है।
‘धर्मरक्षक धामी’ विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक लगभग 600 अवैध ढांचों को हटाया गया है, जिनमें किसी प्रकार की वैधता नहीं पाई गई। देवभूमि के देवत्व और मूल स्वरूप की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता और व्यक्तिगत संकल्प है।
आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन और सरकार पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर रहा है, जबकि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स में भी राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
पर्यटन क्षेत्र में उत्तराखंड को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। वहीं जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांव को राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखंड और केदारखंड क्षेत्रों में तीर्थस्थलों का समग्र विकास किया जा रहा है। दिल्ली–देहरादून एलीवेटेड रोड परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है, जिससे यात्रा समय घटकर 2 से 2.5 घंटे रह जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि पारदर्शी शासन और दृढ़ संकल्प से अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।

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