अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। पंडित भैरवदत्त धूलिया चतुर्थ पत्रकार पुरस्कार समारोह इस वर्ष 17 को पौड़ी में आयोजित किया जाएगा।
इस पुरस्कार में एक लाख की धनराशि, प्रशंसनीय पत्र एवं शॉल भेंट किया जाता है।
कर्मभूमि फाउंडेशन के सचिव हिमांशु धूलिया ने बताया कि उम्मीदवार खुद या कोई व्यक्ति या संस्था पत्रकार के नाम 30 अप्रैल 2026 तक ईमेल के जरिये प्रविष्टि भेज सकते हैं।
प्रविष्टि का फार्मेट karmabhoomifoundation.uk@gmail.com से भी उपलब्ध किया जा सकता है।
पुरस्कार के लिए विचार किए जाने हेतु उम्मीदवार की निम्नलिखित योग्यताएँ होनी चाहिए :
(i) पत्रकार उत्तराखंड में कार्यरत हो।
(II) कम से कम 15 वर्ष का काम उत्तराखंड से संबन्धित जिसमे समाज की परेशानियाँ, संघर्ष एवं चुनौतियों का उल्लेख हो।
(iii) पत्रकार के लिखित या डिजिटल कार्य में साहस और निर्भीकता का प्रमाण हो।
उन्होंने बताया कि भैरव दत्त धूलिया उत्तराखंड के अग्रिम स्वतन्त्रता सेनानियों में से थे। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई वर्ष इस दौरान जेल में रहे । अपने साथियों के साथ मिलकर कर्मभूमि साप्ताहिक अखबार की स्थापना 1939 मे की और बाद में 1988 तक इस अखबार का स्वतंत्र सम्पादन किया। ब्रिटिशकाल में कर्मभूमि पर प्रतिबंध भी लगा था।
कर्मभूमि अपने संपादकीय से जाना जाता था और अपनी निष्पक्षता, स्वतन्त्रता एवं निर्भीकता के लिए प्रचलित था । अपने समय में वह गढ़वाल की आवाज़ बन गया था।
भैरव दत्त धूलिया जी ने 1967 में लैंसडौन विधान सभा से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप चुनाव लड़ा। और उस समय के तत्कालीन यूपी सरकार के काँग्रेस मंत्री जगमोहन सिंह नेगी को परास्त किया।
उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार एक श्रद्धांजलि है उनकी विचारधारा और उनके समाज में योगदान के लिए। एक ‘सर्च कमेटी’ योग्य उम्मीदवार का चयन करेगी।

