भाजपा नेत्री नेहा जोशी ने कहा, मैंने तो नगद भुगतान किया है..
गोलमाल- धाम के चढ़ावे से भाजपा नेता व वीआईपी की हुई खूब खातिरदारी
देखें,किस नेता व वीआईपी पर लुटाया गया खजाना
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के खजाने की ‘लूट’ का मामला सामने आया है। मंदिर समिति के खजाने से कई भाजपा, संघ व अन्य की विशेष खिदमत की गई।
बीकेटीसी ने विगत यात्राकाल में तमाम अनाधिकृत व्यक्तियों के आवास, भोजन और हेलीकॉप्टर टिकट पर लाखों रुपए खर्च कर दिए। उधर,मंत्री पुत्री नेहा जोशी ने कहा कि उन्होंने स्वंय नगद भुगतान किया है। इसके सबूत भी उनके पास है। नेहा के बयान के बाद नाटकीय बिल भुगतान का मसला बीकेटीसी के लिए गले की फांस बन गया है।
क्या था मामला, पढ़ें
कुछ दिन पूर्व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर यह नया खुलासा किया है।
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि बीकेटीसी प्रबंधन श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे के धन को अपने राजनीतिक प्रबंधन में उड़ाने में लगा हुआ है। भाजपा व आरएसएस नेताओं को खुश करने के लिए अनाधिकृत तरीके से उन्हें अतिथि दिखा कर आवास-भोजन आदि की व्यवस्था की गयी है।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की सुपुत्री नेहा जोशी विगत वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के मौके पर वहां पहुंची थी। नेहा जोशी के 30 अप्रैल व 01 मई, 2025 का दो दिन के आवास- भोजन पर बीकेटीसी ने 60 हजार रुपए खर्च कर दिए।
केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल के 37,500, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी का 22,000 रुपए, आरएसएस नेता प्रकाश व निरंजन का 20,000 रुपए, रुद्रप्रयाग के भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट एवं अन्य कार्यकर्ताओं के 24,000 रुपए, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सहायक अजय श्रीवास्तव के 23,000 रुपए के आवास का बिल मंदिर समिति द्वारा भरा गया।
अधिवक्ता नेगी ने बताया कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, बीकेटीसी के अध्यक्ष व मुख्य कार्याधिकारी के अतिथि दिखा कर कई अन्य लोगों के आवास-भोजन पर भी लाखों रूपये खर्च किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बीकेटीसी ने गत वर्ष यात्राकाल के दौरान हेलीकॉप्टर टिकटों के भुगतान का जो विवरण दिया है, वो भी हैरान करने वाला है। बीकेटीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के अतिथियों के हेली टिकटों का भुगतान भी मंदिर कोष से किया गया। हेली किराए में भी लाखों रुपये खर्च किए गए।
सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार से बीकेटीसी में व्याप्त भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ व केदारनाथ धाम करोड़ों-करोड़ों सनातनियों की आस्था व श्रद्धा के केंद्र हैं। इन धामों में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
गौरतलब है कि अधिवक्ता नेगी सूचना अधिकार के माध्यम से लगातार बीकेटीसी में व्याप्त घपले-घोटाले उजागर करने में लगे हुए हैं। विगत दिनों उन्होंने बीकेटीसी के एक उपाध्यक्ष विजय सिंह कप्रवाण द्वारा अपनी पत्नी को अपने साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिखा कर बारह हजार रूपये और रुद्रप्रयाग में अपने घर पर कार्यालय दिखा कर पच्चीस हजार रूपये प्रतिमाह भुगतान लेने का मामला उजागर किया गया था। इसके अलावा मंदिर कोष से ग्यारह लाख रूपये केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों को बांटने का खुलासा भी किया था।
जब नेहा जोशी ने भुगतान किया तो बीकेटीसी ने बिल क्यों बनाया
गोलमाल है भई गोलमाल


नमस्कार साथियों,
हाल ही में आरटीआई के जरिये ये खभर आयी कि बदरी केदार मंदिर समिति ने कुछ भाजपा नेताओं के केदारधाम आदि जगहों में निवास का बिल चुकता किया। इनमें एक नाम भाजपा मंत्री गणेश जोशी की पुत्री नेहा जोशी का भी नाम था। अब नेहा जोशी ने कहा कि बिल का भुगतान तो उन्होंने स्वंय नगद किया। फिर बीकेटीसी ने कैसे बिल का भुगतान कर दिया। इस मसले ने अब और भी हैरानी में डाल दिया है। पढ़ें, नेहा जोशी ने सोशल मीडिया में क्या कहा
नमस्कार साथियों,
मुझे मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिली है कि बीकेटीसी द्वारा एक आरटीआई के जवाब में मेरे एवं मेरे साथियों द्वारा पिछले वर्ष बाबा केदारनाथ जी की दो दिवसीय यात्रा के दौरान गायत्री भवन में किए प्रवास के भुगतान को बीकेटीसी द्वारा किया गया बताया गया है, जो की एकदम झूठ है।
बाबा केदार मेरे आराध्य हैं और उनके आशीर्वाद से मैं नियमित रूप से यह यात्रा करती हूँ । पिछले वर्ष मैं व मेरे अन्य साथी बाबा केदारनाथ जी के कपाट खुलने के पावन अवसर पर बाबा के धाम गए थे और गायत्री भवन में रुके थे।
वहाँ लिए गए तीनों कमरों का पूरा भुगतान हमने, डिजिटल पेमेंट का विकल्प उपलब्ध ना होने के कारण, नगद में किया था, जिसके साक्ष्य उपलब्ध हैं और जिसकी पुष्टि गायत्री भवन के कर्मचारी भी कर देंगे । इसके अलावा GMVN में भी 2 कमरे लिए गए जिसका भी पूरा भुगतान किया गया।

इस बात की गहन पड़ताल होनी चाहिए की किस प्रकार पहले से ही भुगतान किए गए कमरों का भुगतान दोबारा मेरे नाम की रसीद काट कर लिया गया।
क्या यह किसी साजिश के अंतर्गत दुर्भावना के साथ किया गया कृत है या योजनाबद्ध रूप से की जा रही अनियमितता। कुछ भी हो लेकिन आज मैं इसकी शिकार हुई हूँ पर कल आप में से कोई भी हो सकता है।
मैं मीडिया के सभी साथियों से भी विनम्र आग्रह करती हूँ कि इस विषय की निष्पक्षता से पड़ताल करें और सभी संबंधित व्यक्तियों से सही सवाल कर सत्य जनता के सामने रखें।
मुझे विश्वास है कि सत्य जल्द ही सबके सामने आएगा और बाबा केदारनाथ जी का आशीर्वाद सदैव सत्य के साथ रहेगा।
(बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।)














