मनीष चंद स्मृति द्वितीय ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट
सैकड़ों जनसेवा कैंप के जरिए सुलझ रही समस्या-भाजपा
अविकल उत्तराखण्ड
खटीमा। बिरिया मझोला खटीमा में स्वर्गीय मनीष चंद स्मृति द्वितीय ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 के समापन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खिलाड़ियों को पुरुस्कार वितरित किए।
टूर्नामेंट में 16 टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबला नगला तराई खटीमा व उजालिकोट टनकपुर के बीच खेला गया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर शुभकामनाएं दी व क्रिकेट में हाथ भी आजमाए। पहले खेलते हुए नगला तराई खटीमा ने 108 का लक्ष्य दिया जबकि उजलीकोट ने लक्ष्य प्राप्त कर 03 विकेट से जीत हासिल की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय मनीष चंद के चित्र पर पुष्पंजलिवअर्पित की। और कहा भारतीय युवा अंडर 19 टीम ने विश्व कप जीता है इसके लिए उन्होंने सभी को बधाई दी।उन्होंने कहा खिलाड़ी लक्ष्य लेकर संकल्प के साथ आगे बढ़ें सिद्धि तक अवश्य पहुंचेंगे। उन्होंने कहा अब खेल एक मनोरंजन का साधन नहीं है। खेलों में कैरियर की अपार संभावनाएं हैं इसलिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए अनुशासन के साथ खेले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल शरीर व मनमस्तिष्क को स्वस्थ रखता है तथा हमें अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व सिखाता है इसलिए टीम भावना से खेले।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने खेलो इंडिया,फिट इंडिया योजनाओं के अन्तर्गत खेलो का ढांचागत विकास किया है इसलिए हमारे खिलाड़ी आज सभी खेलो में परचम लहरा रहे हैं।
हमारे प्रधानमंत्री खिलाड़ियों से मिलते हैं व उनका हमेशा उत्साहवर्धन करते हैं।उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो में हमारे खिलाड़ी यों ने 103 पदक जीते है यह हमारे लिए गर्व की बात है हमारी देव भूमि अब खेल भूमि बन रही है।उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, स्वर्गीय मनीष चंद की माता हरिकेश चंद,जिला पंचायत सदस्य रीता काफलटा,भास्कर संभल ,क्षेत्र पंचायत सदस्य मंदीप राणा,प्रेम प्रकाश,तेज सिंह महर,प्रधान भागीरथी राणा,दीपक एरी,चन्द्रकला,माया जोशी,गणेश सिंह महर,गीता ज्याला, सांसद प्रतिनिधि रवींद्र राणा,पूर्व मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत,अमित पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी,गौरव पांडे, सी ओ बी एस धोनी सहित टूर्नामेंट कमेटी के सदस्य एवं जनता मौजूद थे।
जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सुशासन का सशक्त मॉडल
भाजपा प्रवक्ता सुरेश जोशी का कहना है कि
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित सेवा वितरण का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। इस अभिनव अभियान के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रही है।
इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों में नियमित रूप से आयोजित किये जा रहे जनसेवा शिविरों (कैंपों) के माध्यम से आमजन को प्रशासनिक सेवाएं, शिकायत निवारण, प्रमाण पत्र तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
अभियान की प्रगति एवं उपलब्धियाँ
अब तक प्रदेश भर में कुल 589 जनसेवा कैंप आयोजित किये जा चुके हैं, जिनमें से 8 कैंप दिनांक 07 फरवरी, 2026 को आयोजित किये गये। इन कैंपों में अब तक कुल 4,63,956 नागरिकों ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 4,237 नागरिकों ने आज आयोजित कैंपों में सहभागिता की।

अभियान के अंतर्गत नागरिकों से प्राप्त शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक कुल 45,601 शिकायत/प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 30,723 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़े सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
*प्रमाण पत्र एवं योजनाओं का लाभ*
जन-जन के द्वार अभियान के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए भी नागरिकों से आवेदन प्राप्त किये जा रहे हैं। अब तक कुल 65,528 प्रमाण पत्रों हेतु आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे आमजन को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
साथ ही, विभिन्न राज्य एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अब तक 2,58,056 नागरिकों को लाभान्वित किया जा चुका है, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान इसी सोच का परिणाम है, जिसमें प्रशासन स्वयं जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रदेश में लोक विश्वास को सुदृढ़ करने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
*सुशासन की ओर सशक्त कदम*
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने यह सिद्ध कर दिया है कि उत्तराखंड सरकार आमजन के साथ संवाद, सेवा और समाधान के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश को सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनहितकारी नीतियों की दिशा में लगातार आगे बढ़ा रहा है।

