जस्टिस केशव चंद्र धूलिया निबंध व डिबेट प्रतियोगिता के विजेता पुरुस्कृत

उत्तराखंड के विधि छात्रों ने जीते पुरस्कार

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। जस्टिस केशव चंद्र धूलिया तृतीय निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह  लीची बाग में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विधि छात्रों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों, पूर्व सैनिकों तथा देहरादून के नागरिकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं उत्तराखंड लोक सेवा अधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस यू. सी. ध्यानी मुख्य अतिथि रहे और उन्होंने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता बी. पी. नौटियाल तथा दून विश्वविद्यालय के डॉ. आंबेडकर चेयर प्रोफेसर प्रो. हर्ष दोभाल भी मंचासीन रहे।

मुख्य अतिथि जस्टिस यू. सी. ध्यानी ने अपने संबोधन में जस्टिस केशव चंद्र धूलिया के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके संघर्षों एवं उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने वाद-विवाद प्रतियोगिता के विषय भारतीय संविधान में संघवाद पर भी विचार व्यक्त किए और कहा कि संविधान में ‘मजबूत राज्यों’ की अवधारणा निहित है।
वाद-विवाद प्रतियोगिता के निर्णायक वरिष्ठ अधिवक्ता बी. पी. नौटियाल ने कहा कि भारत ‘राज्यों का संघ’ है, इसलिए राष्ट्र की मजबूती के लिए राज्यों का सशक्त होना आवश्यक है। निबंध प्रतियोगिता के परीक्षक प्रो. हर्ष दोभाल ने छात्रों से पठन-पाठन की आदत विकसित करने और तर्कसंगत सोच अपनाने का आह्वान किया।

निबंध प्रतियोगिता में यूपीईएस की आर्या सिंह कच्छवाहा को स्वर्ण पदक, कुमाऊं विश्वविद्यालय की दीपिका बहुखंडी को रजत पदक तथा यूपीईएस की सौम्या शर्मा को कांस्य पदक प्रदान किया गया। उन्हें क्रमशः 25 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि भी दी गई। एस. एस. जैन विश्वविद्यालय की खुशी धामी को विशेष उल्लेख पुरस्कार के अंतर्गत 5 हजार रुपये की नकद राशि एवं गोल्ड कप प्रदान किया गया।

वाद-विवाद प्रतियोगिता में चाणक्य लॉ कॉलेज की शांभवी सिंह एवं अर्जुन प्रताप सिंह की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर रनिंग ट्रॉफी एवं 30 हजार रुपये का नकद पुरस्कार जीता। वहीं यूपीईएस की समृद्धि मिश्रा एवं वीरेंद्र प्रताप सिंह राठौड़ की टीम उपविजेता रही, जिन्हें रनिंग ट्रॉफी एवं 20 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की गई।

कार्यक्रम का आयोजन कर्मभूमि फाउंडेशन, उत्तराखंड द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन विंग कमांडर अनुपमा जोशी (सेवानिवृत्त) ने किया, जबकि फाउंडेशन के सचिव कैप्टन हिमांशु धूलिया (सेवानिवृत्त), भारतीय नौसेना, ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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