पुरानी प्रीत का ऐसा गीत, जिसमें है पहाड़ की खुशबू

नेगीदा के कंठ से जौनसारी गीत, अभिनव-श्वेता की अदाकारी, सब कुछ जबरदस्त

वरिष्ठ पत्रकार विपिन बनियाल की कलम से
-उत्तराखंडी लोक संगीत में प्रीत के गीत हम बहुत पहले से सुनते आए हैं। नेगीदा के प्रीत के गीतों की तो भरमार है। ‘प्रीत कन कदिना, माया कैकू बोदिना ‘ या फिर ‘प्रीत बिना कैमा नी रूसाणू ‘। नेगीदा के कंठ से अब सुनिए पुराणी प्रीत का गीत। साथ में प्रतीक्षा बमराड़ा की ताजगी से भरी आवाज। यह तो हुई संगीत की बात। अभिनव सिंह चौहान और श्वेता माहरा के दमदार अभिनय के मार्फत भावनाओं की मजबूत अभिव्यक्ति भी मौजूद है जौनसारी केे पुराणी प्रीत गीत में। ‘मैरे गांव की बाट ‘ के रूप में जौनसारी की पहली फिल्म दर्शकों के सामने लाने वालेे केएस चौहान ने यह सब कुछ संजोया है। यह गीत मधुर पहाड़ी लोक संगीत के तलबगारों को खूब पसंद आ रहा है।

करीब साढे़ नौ मिनट का यह गीत एक साथ कई खासियत अपने में समेटे हुए है। गढ़रत्न नेगीदा से जौनसारी का गीत सुनना, अपने आप में सुखद अनुभव कराता है। करीब 12 वर्ष पूर्व नेगीदा ने पहली बार जौनसारी में गीत गाया था। इस गीत में नेगीदा जौनसार का परंपरागत नृत्य करते हुए दिखाई देते हैं। अपनी 50 वर्ष से ज्यादा की संगीत यात्रा में ये दूसरा मौका है, जब नेगीदा ने जौनसारी गीत के लिए अपनी आवाज दी है।

नेगीदा के साथ उनके पहले जौनसारी गीत में सहगायिका अनुराधा निराला थीं, लेकिन इस बार यह जिम्मेदारी प्रतीक्षा बमराडा ने निभायी है। प्रतीक्षा बमराडा प्रतिभाशाली गायिका हैं। निश्चित तौर पर यह उनका सौभाग्य है कि वह नेगीदा के साथ लगातार गा रही हैं। श्याम सिंह चौहान की शब्द रचना और पवन गुसाई एवं राकेश भट्ट का संगीत स्तरीय है।

पुराणी प्रीत गीत एक विषय वस्तु के साथ आगे बढ़ने वाला गाना है। प्रेम में समर्पण और त्याग के गहरे संदेश के साथ गाना अपनी कहानी खुद कहता है। अभिनव चौहान और श्वेता माहरा ने इस गाने में सिमटी कई तरह की भावनाओं को अपने सशक्त अभिनय से जीवंत किया है। एक छोटी और बड़ी उम्र के प्रेमी युगल के दो किरदार उन्हें निभाने थे। उन्होंने यह काम बखूबी निभाया है। अनुज जोशी का निर्देशन उनके नाम के अनुरूप बढ़िया है, तो वही कैमरा वर्क के लिए तारीफ करनी होगी युवी नेगी और युद्धवीर की। जौनसार के कई मनोरम दृश्य इस गाने में उनकी बदौलत नजर आए हैं।

इस गाने के क्रिएटिव हेड केएस चौहान बताते हैं-मैं और गीतकार श्याम सिंह चौहान की प्रबल इच्छा थी कि नेगीदा जौनसारी का एक और गीत गाएं। हम ने इस गीत का उनके सामने प्रस्ताव रखा, तो सारी चीजों को परखने के बाद उन्होंने हां कह दी। गीत जिस तरह से पिक्चराइज हुआ है और कलाकारों ने जिस तरह की एक्टिंग की है, उससे भी नेगीदा बहुत संतुष्ट हैं।
पुराणी प्रीत गाना भले ही जौनसारी का गाना हो, लेकिन गढ़वाल, कुमाऊं और जौनसारी के प्रमुख चेहरों की मौजूदगी इसे संपूर्ण उत्तराखंड का गाना बनाती है। इस तरह के प्रयास और तेजी पकडे़ं, तो यह उत्तराखंडी संगीत और फिल्म की इंडस्ट्री को और समृद्ध करेगा। इस गानेे पर केंद्रित वीडियो मेरे यू-ट्यूब चैनल ‘धुन पहाड़ की ‘ पर उपलब्ध है। आप दिए गए लिंक पर क्लिक कर इसे देख सकते हैं।

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