संघर्ष समिति ने बताया न्याय की जीत
अविकल उत्तराखंड
जोशीमठ। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े कार्यकर्ताओं को वर्ष 2023 के आंदोलन से जुड़े मुकदमों में अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। दो साल बाद आए इस फैसले को समिति ने न्याय की जीत बताते हुए सभी साथियों को बधाई दी है।
समिति का कहना है कि जोशीमठ बचाने और आपदा प्रभावितों को अधिकार दिलाने के आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए थे। अब अदालत के फैसले से सभी आरोपियों को राहत मिली है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह फैसला न केवल आंदोलनकारियों के हौसले को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य में जनआंदोलनों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जोशीमठ के मुद्दों को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
क्यों अहम है यह फैसला
जोशीमठ भू-धंसाव और आपदा के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने बड़े स्तर पर आंदोलन किया था। प्रभावितों के पुनर्वास, मुआवजा और सुरक्षा को लेकर उठी आवाज ने राज्यभर में ध्यान खींचा। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज हुए, जिन्हें अब अदालत ने खारिज कर दिया है। इसे जनआंदोलनों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

