अविकल उत्तराखंड
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम एवं सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम POSH अधिनियम, 2013 (Prevention of Sexual Harassment Act) के प्रावधानों के संदर्भ में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या एवं डीन प्रो० (डॉ०) गीता जैन ने की। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट कहा कि संस्थान में यौन उत्पीड़न के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है और किसी भी प्रकार की शिकायत पर त्वरित, निष्पक्ष एवं गोपनीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा एवं गरिमा संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
जागरूकता सत्र में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की परिभाषा, उसके अंतर्गत आने वाले व्यवहार, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष उत्पीड़न के प्रकार, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तथा आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। कर्मचारियों को यह भी बताया गया कि अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर क्या दंडात्मक प्रावधान लागू होते हैं।
कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, पीजी रेजिडेंट्स, इंटर्न, लिपिक वर्ग, लैब टेक्नीशियन, परिचारकों, सुरक्षा कर्मियों सहित अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। उपस्थित कर्मचारियों ने विषय से संबंधित प्रश्न भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।
कार्यक्रम में प्रो० (डॉ०) जोली अग्रवाल, प्रो० (डॉ०) नीरज कुमार, डॉ० जया नवानी, डॉ० नितिन शर्मा, सुश्री शिवानी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
महाविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि संस्थान में सुरक्षित, संवेदनशील एवं उत्तरदायी कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ बनाया जा सके।

