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भाजपा विधायक गैरोला की दो टूक-“गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
हरक बोले, भाजपा विधायक काऊ को गिरफ्तार किया जाय
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के साथ मारपीट और तोडफ़ोड़ के मामले ने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। जहां एक ओर पुलिस कार्रवाई जारी है, वहीं सत्तारूढ़ दल भाजपा के भीतर भी इस घटना को लेकर असहजता खुलकर सामने आने लगी है।
भाजपा के विधायक बृजभूषण गैरोला के बयान का जबरदस्त राजनीतिक असर देखा जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यह गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बहुत ही निंदनीय है। कानून अपने हिसाब से काम करेगा। हमको अपनी बात उचित फोरम में रखनी चाहिए।
भाजपा की रीति-नीति अलग प्रकार की है।
भाजपा विधायक गैरोला ने इशारों ही इशारों में पार्टी विधायक व आरोपी उमेश शर्मा काऊ को भी सन्देश देने की कोशिश की है। उधर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने भी विधायक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को मर्यादा का पालन करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार सामने आया हो। वायरल तस्वीरों और वीडियो के बाद यह प्रकरण केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक और नैतिक बहस का मुद्दा बन गया है।
चुनावी वर्ष में शिक्षक-कर्मचारी संगठनों की नाराजगी को भाजपा के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

अपनी ही पार्टी के लिए चुनौती बने विधायक
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि रायपुर से विधायक उमेश शर्मा काऊ वर्ष 2016 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उस समय कई नेताओं के पाला बदलने से संगठन के भीतर असहजता रही थी। अब शिक्षा निदेशक प्रकरण ने भाजपा के सामने नई रणनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था और सत्ता के दुरुपयोग का मुद्दा बनाकर व्यापक अभियान चला सकता है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश सुमन ध्यानी ने भाजपा हाईकमान से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा है कि सत्ता के अहंकार में किसी भी प्रकार का उच्छृंखल व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता।
ध्यानी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में शिक्षक-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और उनके मान-सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो इसका राजनीतिक और सामाजिक असर दूरगामी होगा। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विधायक उमेश शर्मा काऊ से जवाब तलब किए जाने की पुष्टि की है।
हालांकि, संगठन के भीतर एक वर्ग का मानना है कि केवल जवाब तलब पर्याप्त नहीं है और पार्टी को स्पष्ट संदेश देने की जरूरत है। मामले को लेकर कांग्रेस भी आक्रामक है।

