ऑक्सीजन की कमी और अन्य व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
यदि इच्छाशक्ति हो तो हर समस्या का समाधान संभव -गोदियाल
अविकल उत्तराखंड
देहरादून/गैरसैंण। गैरसैंण में बजट सत्र की तारीख जारी होते ही ठंड लगनी शुरू हो गयी है। व्यवस्था का भी रोना धोना शुरू हो गया है। इस बार ठेठ पहाड़ी विधानसभा के भाजपा विधायक ने गैरसैंण के बजट सत्र पर सवाल उठाए हैं।
उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 9 से 13 मार्च तक गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में प्रस्तावित है। सत्र से पहले भवन की भौगोलिक स्थिति और मूलभूत सुविधाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

लैंसडाउन से भाजपा विधायक दिलीप रावत ने कहा कि विधानसभा भवन के लिए स्थान चयन उपयुक्त नहीं रहा। उनका तर्क है कि ऊंचाई अधिक होने के कारण यहां ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक ठंड और बर्फबारी की स्थिति में विधायकों व कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से आधारभूत सुविधाएं बेहतर करने की मांग की है। वहीं उत्तराखंड सचिवालय संघ ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर सत्र के दौरान गैरसैंण में तैनात किए जाने वाले कर्मचारियों की संख्या सीमित रखने का अनुरोध किया है। संघ का कहना है कि भोजन, आवास और अन्य व्यवस्थाओं में कठिनाइयां आती हैं, इसलिए केवल आवश्यक अधिकारियों-कर्मचारियों को ही बुलाया जाए। वहीं कांग्रेस ने सरकार पर गैरसैंण के प्रति अनिच्छा का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि व्यवस्थाएं जुटाना सरकार की जिम्मेदारी है और यदि इच्छाशक्ति हो तो हर समस्या का समाधान संभव है।
इस बार भाजपा विधायक के बयान से एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि क्या भराड़ीसैंण में व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाए या सत्रों के आयोजन को लेकर नई नीति बनाई जाए। आगामी बजट सत्र में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से गरमाने की संभावना है।

