कांग्रेस नेता खड़गे ने संसद में ‘बाबा’ विवाद को उठाया

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सांसद चंद्रशेखर के कोटद्वार जाने की चर्चा से हलचल

कोटद्वार में भारी पुलिस बल तैनात

अविकल उत्तराखंड

कोटद्वार। पौड़ी जिले के कोटद्वार नगर में एक कपड़े की दुकान के बाबा नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था और सियासत का बड़ा मुद्दा बन गया है। दिल्ली में भी मुद्दे की गूंज सुनाई दे रही है। कांग्रेस के नेता खड़गे ने इस मसले को राज्यसभा में उठाया। जबकि सांसद चन्द्रशेखर के कोटद्वार कूच की खबर से भी हलचल मची हुई है।

खड़गे ने राज्यसभा में कहा,अगर रक्षक ही भक्षक बन जाएगा, तो आम आदमी कहाँ जाएगा? दीपक ने भाईचारा बचाया, BJP ने उसे मुकदमे में फँसाया। ये नफरत की राजनीति है, लेकिन मोहब्बत की जीत होगी! इससे पूर्व राहुल गांधी भी ट्वीट कर दीपक को बब्बर शेर कह चुके हैं।

बाहर से कोटद्वार जा रहे मीडियाकर्मियों को भी रोका जा रहा है।
‘मोहम्मद दीपक’ नाम से सामने आए दीपक कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और अल्पसंख्यक समुदाय के समर्थन के बीच अब सांसद चंद्रशेखर समेत कुछ नेताओं के कोटद्वार पहुंचने की सूचना से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। हालात बिगडऩे की आशंका को देखते हुए शहर और सीमावर्ती इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया है। वहीं राज्यसभा में कांग्रेसी सांसद मल्लिका अर्जुन खरगे ने भी दीपक कुमार के मुद्दे को उठाया।

विवाद के केंद्र में कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित वकील अहमद की कपड़े की दुकान है, जिसके नाम को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच तनाव पैदा हुआ।

इसी दौरान झगड़ा शांत कराने पहुंचे दीपक कुमार, जो खुद को ‘मोहम्मद दीपक बताते हैं, पर भी मुकदमा दर्ज हो गया। इसके बाद मामला सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग लेने लगा।
विपक्ष का आरोप है कि सद्भाव बनाए रखने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को ही निशाना बनाया गया, जबकि सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों पर नरमी बरती गई।

पुलिस प्रशासन को आशंका है कि यदि सांसद चंद्रशेखर या अन्य नेता कोटद्वार पहुंचे तो समर्थकों की भीड़ जुट सकती है, जिससे माहौल बिगड़ सकता है। इसी को देखते हुए यूपी से आने वाले वाहनों को सीमा पर ही रोका जा रहा है, सघन चेकिंग और पैदल मार्च किए जा रहे हैं। स्वयं एसएसपी पौड़ी ने मौके पर डेरा डालते हुए पुलिस अधिकारियों को ब्रीफ किया है। वहीं दो दिनों से मीडिया कर्मियों को कोटद्वार में आने और दीपक कुमार से बातचीत से रोका जा रहा है।

क्या है पूरा विवाद

  • मालवीय उद्यान स्थित वकील अहमद की दुकान के नाम’बाबा’ को लेकर विवाद
  • बजरंग दल कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच तनाव
  • झगड़ा शांत कराने पहुंचे दीपक कुमार पर भी मुकदमा
  • मामला राजनीतिक और सांप्रदायिक बहस में तब्दील

तीन मुकदमे दर्ज

इस पूरे प्रकरण में कोटद्वार पुलिस ने तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। पहला मुकदमा दुकानदार वकील अहमद की ओर से बजरंग दल के अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया। दूसरा मुकदमा बजरंग दल कार्यकर्ता कमलपाल की तहरीर पर दीपक उर्फ अक्की (मोहम्मद दीपक), कांग्रेस नेता विजय रावत समेत अन्य के खिलाफ दर्ज हुआ। तीसरा मुकदमा बाजार चौकी प्रभारी विनोद कुमार की ओर से देहरादून और हरिद्वार से आए बजरंग दल कार्यकर्ताओं के खिलाफ कराया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से बाहरी लोगों की एंट्री से माहौल और बिगड़ सकता है।

पुलिस-प्रशासन की तैयारी

  • कोटद्वार और सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी पुलिस बल
  • यूपी से आने वाले वाहनों की सख्त जांच, कई को लौटाया गया
  • पैदल मार्च और लगातार चेकिंग अभियान
  • सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ाई गई

राजनीतिक बयानबाजी तेज

इस मामले को लेकर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी तीखी है। सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि जो व्यक्ति सद्भाव की रक्षा के लिए खड़ा हुआ, उसी पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि रक्षक ही भक्षक बन जाए तो आम आदमी न्याय और सुरक्षा के लिए कहां जाएगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है।

स्पीकर ऋतु खण्डूड़ी ने कहा कि कोटद्वार में सभी मिलजुल कर रहते हैं। लेकिन बाहर से आने वाले माहौल खराब कर रहे हैं।
गौरतलब है कि बजरंग दल के कई समर्थकों ने बाबा नाम की दुकान के बाहर प्रदर्शन किया था। कोटद्वार में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

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