विधानसभा कूच पर रोके गए कांग्रेस कार्यकर्ता
स्थायी राजधानी, स्वास्थ्य सेवाएं और बेरोजगारी के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन
अविकल उत्तराखंड
गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने गैरसैंण में जोरदार प्रदर्शन किया। स्थायी राजधानी गैरसैंण, बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, बेरोजगारी, महिला अपराध और कानून व्यवस्था के मुद्दों को लेकर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने दिवालीखाल बैरियर पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद नाराज कार्यकर्ता वहीं सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कुछ समय के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत, नेता प्रतिपक्ष करन माहरा और विधायक ललित फस्र्वाण,पूर्व विधायक रणजीत रावत सहित कई नेताओं ने किया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और कानून व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को दबाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का सहारा लिया जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि गैरसैंण का स्वास्थ्य केंद्र केवल रेफर सेंटर बनकर रह गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों में जाना पड़ता है, जिससे कई बार गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग फिर तेज
कांग्रेस ने एक बार फिर गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की मांग को जोर-शोर से उठाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य आंदोलन के समय से ही गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग होती रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार गैरसैंण को केवल औपचारिक रूप से ग्रीष्मकालीन राजधानी तक सीमित रखे हुए है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए इसे स्थायी राजधानी बनाया जाना जरूरी है।

स्वास्थ्य केंद्र पर उठे सवाल
गैरसैंण क्षेत्र से आई महिलाओं ने बताया कि यहां का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर्याप्त सुविधाओं से वंचित है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण अधिकतर मरीजों को हायर सेंटर के लिए रेफर किया जाता है। उनका कहना था कि गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच का प्रयास किया
- दिवालीखाल बैरियर पर पुलिस ने रोका
- पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की
- पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया
- कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की
कांग्रेस के प्रमुख मांग
- गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग
- स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली
- बढ़ती बेरोजगारी और पलायन
- महिला अपराध और कानून व्यवस्था पर सवाल
- अंकिता भंडारी प्रकरण पर कार्रवाई की मांग

