विधायक तिलक राज बेहड़ का सख्त रुख
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
अविकल उत्तराखंड
उधमसिंहनगर/देहरादून। किसान सुखवंत की आत्महत्या दे उपजे बवाल के बीच एक और कांड हो गया।
तराई क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के पुत्र एवं नगर निगम पार्षद सौरभ राज बेहड़ पर नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। यह वारदात न केवल एक गंभीर आपराधिक घटना के रूप में सामने आई है, बल्कि इससे प्रदेश की कानून-व्यवस्था, पुलिस की सतर्कता और संभावित साजिश को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
बीती रविवार की रात सौरभ राज बेहड़ पुलिस द्वारा बुलाए गए एक समझौते के लिए चौकी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विधायक तिलक राज बेहड़ के आवास से महज 100 मीटर की दूरी पर तीन नकाबपोश बदमाशों ने उन पर अचानक हमला कर दिया।

निहत्थे पार्षद पर बेरहमी से हमला किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत को देखते हुए आईसीयू में उपचार जारी है।
घटना के बाद रुद्रपुर, काशीपुर सहित पूरे तराई क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने इस हमले को कायराना हरकत बताते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
अस्पताल में मौजूद विधायक तिलक राज बेहड़ ने इस हमले को सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह हमला किसी न किसी के इशारे पर कराया गया है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस हमलावरों को जल्द गिरफ्तार नहीं कर पाती है, तो वे स्वयं उन्हें खोज निकालेंगे।

उनका यह बयान प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों की गहरी चिंता को दर्शाता है।
घटना स्थल का वीआईपी क्षेत्र में होना और वहां नियमित पुलिस गश्त के बावजूद इस तरह की वारदात का होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि दोनों पक्षों को पुलिस चौकी में पंचायत के लिए बुलाया गया था, लेकिन चौकी पहुंचने से पहले ही सौरभ राज बेहड़ पर हमला हो गया।
इससे यह आशंका भी गहराती है कि हमलावरों को पहले से इसकी जानकारी थी या फिर कहीं न कहीं सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई है।
विधायक बेहड़ का कहना है कि जब तक इस हमले के पीछे की पूरी साजिश और साजिशकर्ताओं का खुलासा नहीं हो जाता, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। फिलहाल,पुलिस जांच में जुटी हुई है, लेकिन इस घटना ने सरकार और पुलिस महकमे की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

